मध्य प्रदेश

सोना-चांदी की कीमतों में उछाल: 8–10 साल पुराने गिरवी मामलों को लेकर सराफा कारोबारियों ने पुलिस को सौंपा ज्ञापन

संवाददाता अवधेश चौकसे

सालीचौका, नरसिंहपुर। सालीचौका में सोना-चांदी के बढ़ते दामों के बीच 8–10 साल पुराने गिरवी मामलों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय सराफा व्यवसायियों और साहूकारों का आरोप है कि पुराने ग्राहक अब मूल्य वृद्धि का हवाला देकर अनावश्यक दबाव बना रहे हैं और झूठी शिकायतों की धमकी दे रहे हैं।

इसी मुद्दे को लेकर नया सराफा संगठन सालीचौका ने उप थाना पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और पुलिस से ऐसे मामलों में बिना तथ्यात्मक जांच हस्तक्षेप न करने की मांग की।

क्या है पूरा मामला?

व्यवसायियों के अनुसार:

  • 8 से 10 वर्ष पूर्व ग्राहकों ने सोना-चांदी गिरवी रखा था।
  • तीन वर्ष तक सूचना देने के बाद भी कई ग्राहकों ने रकम चुकाने में असमर्थता जताई।
  • मौखिक रूप से “समाप्त मानने” की बात कहकर चले गए।
  • वर्तमान में सोना-चांदी के भाव बढ़ने पर वही ग्राहक अब अंतर की राशि मांगने या दबाव बनाने पहुंच रहे हैं।

व्यवसायियों का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया के तहत समयावधि के बाद गिरवी माल का निपटान किया गया था, लेकिन अब बढ़े दामों को देखते हुए अनावश्यक विवाद खड़े किए जा रहे हैं।

पुलिस से क्या मांग की गई?

ज्ञापन में मांग की गई कि:

  • पुराने गिरवी मामलों में पुलिस सीधे हस्तक्षेप न करे।
  • प्रत्येक प्रकरण की सूक्ष्म व निष्पक्ष जांच की जाए।
  • झूठी शिकायतों के आधार पर व्यापारियों को प्रताड़ित न किया जाए।

उप थाना प्रभारी वर्षा धाकड़ को ज्ञापन सौंपा गया। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस प्रकार के मामलों में निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

संगठन के पदाधिकारी रहे मौजूद

ज्ञापन सौंपते समय नया सराफा एसोसिएशन सालीचौका के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें अध्यक्ष रामनारायण सोनी , उपाध्यक्ष रामकुमार सोनी, सचिव मिश्रीलाल सोनी सहित मुरारी लाल सोनी, महेश सोनी, पराग तिवारी, संजीव सोनी, निशिकांत सोनी, आशीष सोनी, अमित सोनी, अभिषेक सोनी, अंकित सोनी, राजा सोनी, दीपक सोनी और जय सोनी शामिल रहे।

बढ़ती कीमतें बनी विवाद की जड़

गौरतलब है कि हाल के महीनों में सोना-चांदी के दामों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। ऐसे में वर्षों पुराने गिरवी लेन-देन अब विवाद का कारण बन रहे हैं।

व्यापारियों का कहना है कि यदि इस प्रकार के मामलों में स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं बने, तो स्थानीय व्यापार प्रभावित हो सकता है।

अब देखना होगा कि पुलिस की जांच के बाद इस पूरे मामले में क्या निष्कर्ष सामने आता है।

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