सकारात्मक संदेश के साथ भूखों को भोजन: गाडरवारा में राम रोटी संस्था बनी जरूरतमंदों का सहारा
गाडरवारा की राम रोटी संस्था पिछले 10 वर्षों से रेलवे स्टेशन पर जरूरतमंदों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध करा रही है, मानव सेवा की अनूठी मिसाल।

गाडरवारा।
सेवा, संवेदना और मानवता का जीवंत उदाहरण बनी राम रोटी संस्था पिछले कई वर्षों से बिना किसी प्रचार-प्रसार के लगातार जरूरतमंदों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध करा रही है। यह संस्था विशेष रूप से बेघर, असहाय लोगों एवं रेलवे स्टेशन से आने-जाने वाले यात्रियों के लिए आशा की किरण बनी हुई है।
हर रात रेलवे स्टेशन पर सेवा
राम रोटी संस्था द्वारा गाडरवारा रेलवे स्टेशन के बाहर प्रतिदिन रात 8 बजे से भोजन सेवा प्रारंभ की जाती है, जो देर रात तक चलती है। इस दौरान प्रतिदिन लगभग 100 से अधिक लोग भोजन प्रसादी ग्रहण करते हैं। यह सेवा पिछले 10 वर्षों से निरंतर जारी है।
छोटे प्रयास से बनी बड़ी सेवा
संस्था की शुरुआत विशाल ठाकुर एवं उनके साथियों द्वारा एक छोटे से प्रयास के रूप में की गई थी। प्रारंभ में घर-घर से रोटियां एवं भोजन सामग्री एकत्र कर जरूरतमंदों को भोजन कराया जाता था। आज यही सेवा एक सशक्त संस्था का रूप ले चुकी है, जिसके माध्यम से सैकड़ों लोग प्रतिदिन भोजन प्राप्त कर रहे हैं।
समाज की सहभागिता से आगे बढ़ती सेवा
राम रोटी संस्था से प्रेरित होकर नगर के अनेक लोग अपने जन्मदिन, विवाह, पुण्यतिथि एवं अन्य अवसरों पर यहां पहुंचकर भोजन वितरण कर सेवा में अपनी सहभागिता निभाते हैं। संस्था समाजसेवा के क्षेत्र में अपना अलग मुकाम बना चुकी है और नगरवासियों के बीच इसकी भूरि-भूरि प्रशंसा की जाती है।
शनिवार को हुआ विशाल भोजन आयोजन
शनिवार को राम रोटी संस्था द्वारा विशाल स्तर पर भोजन प्रसादी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर
- स्वर्गीय अशोक जायसवाल
- संस्था के संचालक लकी जायसवाल
- आकाश कौरव
- चिर्रिया गांव के उमाकांत ढिमोले
द्वारा खिचड़ी वितरण किया गया।
“जिसका कोई नहीं, उसका भगवान”
कहते हैं कि ऊपर वाला भूखा उठाता जरूर है, लेकिन भूखा सुलाता नहीं—इस कथन को राम रोटी संस्था अपने कार्यों से साकार कर रही है। स्टेशन क्षेत्र में यह संस्था उन लोगों का सहारा बनी है, जिनका कोई नहीं होता।
भोजन के साथ अन्य सेवाएं भी
भोजन वितरण के साथ-साथ संस्था द्वारा—
- बुजुर्गों को फल एवं दवाइयों का वितरण
- ठंड के मौसम में कंबल एवं आवश्यक सामग्री का वितरण
भी नियमित रूप से किया जाता है।
हर शाम संस्था के सदस्य निस्वार्थ भाव से स्टेशन परिसर में एकत्रित होते हैं और मानव सेवा को ही ईश्वर सेवा मानकर अपने दायित्व का निर्वहन करते हैं। राम रोटी संस्था आज न केवल भोजन सेवा बल्कि मानवीय संवेदना का प्रतीक बन चुकी है।








