गाडरवारा में फ्लाई ऐश परिवहन पर उठे सवाल, नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ का आरोप
गाडरवारा में NTPC से निकलने वाली फ्लाई ऐश के परिवहन को लेकर नागरिकों ने NGT और प्रदूषण बोर्ड के नियमों का हवाला देते हुए जांच की मांग की। स्वास्थ्य और सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल।

गाडरवारा। शहर में स्थित NTPC Limited के थर्मल पावर प्लांट से निकलने वाली फ्लाई ऐश (Fly Ash) के परिवहन को लेकर स्थानीय नागरिकों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का आरोप है कि पर्यावरण नियमों की अनदेखी कर खुले या असुरक्षित तरीके से ऐश का परिवहन किया जा रहा है, जिससे धूल प्रदूषण बढ़ रहा है और स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है।
मामले में नागरिकों ने National Green Tribunal (NGT), Central Pollution Control Board (CPCB) और Madhya Pradesh Pollution Control Board (MPPCB) के नियमों का हवाला देते हुए जांच की मांग की है।
फ्लाई ऐश परिवहन के प्रमुख नियम क्या कहते हैं?
किस तरह के वाहन अनिवार्य?
- खुले ट्रक/ट्रॉली में फ्लाई ऐश ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
- केवल ढके हुए टैंकर, बल्कर, विशेष डिज़ाइन किए कंटेनर या रेलवे वैगन से परिवहन की अनुमति है।
- सभी वाहनों के पास वैध PUC (Pollution Under Control) प्रमाणपत्र होना आवश्यक है।
लोडिंग–अनलोडिंग के नियम
- फ्लाई ऐश की लोडिंग सीधे साइलो या कवर सिस्टम से होनी चाहिए, ताकि धूल न फैले।
- ओवरलोडिंग पूरी तरह प्रतिबंधित है।
- यदि रास्ते में ऐश गिरती है, तो उसे तुरंत हटाकर नियत स्थान पर ही निस्तारित करना अनिवार्य है।
रफ्तार और रूट संबंधी शर्तें
- अधिकतम गति 40 किमी/घंटा से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- घनी आबादी वाले क्षेत्रों से परिवहन से बचना चाहिए।
- धूल नियंत्रण के पर्याप्त उपाय अनिवार्य हैं।
100% उपयोग की अनिवार्यता
NGT और CPCB के दिशा-निर्देशों के अनुसार, पावर प्लांट को 100% फ्लाई ऐश का उपयोग (सीमेंट, ईंट, सड़क निर्माण, खदान भराव आदि) सुनिश्चित करना होता है। खुले में डंपिंग या अवैज्ञानिक निस्तारण पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।

नागरिकों की चिंता: बढ़ रही बीमारियां और सड़क हादसे
स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी वाहनों की आवाजाही से शहर की सड़कों पर धूल का गुबार बना रहता है। इससे दमा, एलर्जी और अन्य श्वसन संबंधी बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं।
साथ ही, भारी वाहनों की तेज रफ्तार के कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। नागरिकों ने जिला प्रशासन और Collector Narsinghpur से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि:
- फ्लाई ऐश परिवहन की स्वतंत्र जांच कराई जाए।
- नियमों का उल्लंघन करने वाले ट्रांसपोर्टरों पर जुर्माना लगाया जाए।
- आबादी वाले क्षेत्रों में वैकल्पिक बायपास मार्ग तय किया जाए।
- नियमित मॉनिटरिंग और सार्वजनिक रिपोर्ट जारी की जाए।
यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो NGT और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा आर्थिक दंड, लाइसेंस निरस्तीकरण और अन्य कानूनी कार्रवाई संभव है।
गाडरवारा के नागरिकों का कहना है कि विकास जरूरी है, लेकिन पर्यावरण और जनस्वास्थ्य की कीमत पर नहीं।







