क्राइममध्य प्रदेश

जबलपुर में स्पा सेंटरों की आड़ में फल-फूल रहा देह व्यापार का नेटवर्क

जबलपुर।
संस्कारधानी जबलपुर में स्पा सेंटरों की आड़ में देह व्यापार का गोरखधंधा तेजी से पैर पसार रहा है। शहर के व्यस्त और प्रतिष्ठित इलाकों में यह अवैध कारोबार खुलेआम चल रहा है, जबकि पुलिस और प्रशासन की निष्क्रियता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय सूत्रों का आरोप है कि कई सेंटर माहवारी वसूली के दम पर कार्रवाई से बचते हैं।

चेरीताल से विजय नगर तक सक्रिय संदिग्ध स्पा सेंटर

शहर के प्रमुख क्षेत्रों—चेरीताल, विजय नगर, सदर, गढ़ा, गोरखपुर, राइट टाउन और मदर टेरेसा रोड—में बड़ी संख्या में स्पा सेंटर संचालित हो रहे हैं। बाहर से आई युवतियाँ मसाज और थेरेपी के नाम पर इन केंद्रों में काम करती हैं, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार इन जगहों पर देर रात तक संदिग्ध गतिविधियों की आवाजाही रहती है।

शिकायतें कई बार की गईं, पर कार्रवाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकताएँ निभाई गईं।

स्पा सेंटरों

पुलिस की कार्यवाही पर सवाल—छापे सिर्फ दिखावे के?

सूत्र बताते हैं कि कई सेंटर संचालक हर महीने पुलिस कर्मियों और प्रभावशाली लोगों तक पहुंच बनाकर संरक्षण लेते हैं।
जब मामला मीडिया में उछलता है तो पुलिस छापेमारी का दिखावा करती है—कुछ युवतियों व ग्राहकों को पकड़ा जाता है, तस्वीरें खिंचती हैं, और कुछ दिनों बाद फिर वही सेंटर पहले की तरह चालू हो जाते हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर पुलिस सख्ती से कार्रवाई करे तो एक भी ऐसा स्पा सेंटर खुलेआम नहीं चल सकता।

संस्कारधानी की छवि को धूमिल कर रहा गंदा कारोबार

जबलपुर हमेशा से संस्कृति और मर्यादा के लिए जाना जाता है, पर शहर के कई इलाकों में इस अवैध गतिविधि से वातावरण बिगड़ रहा है।
रहवासियों का कहना है कि देर रात इन स्पा सेंटरों के बाहर संदिग्ध लोगों की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे महिलाओं और लड़कियों को असुरक्षा महसूस होती है।

यह स्थिति शहर की साख और सामाजिक संतुलन के लिए खतरा बनती जा रही है।

सख्त कार्रवाई की मांग, प्रशासन से निर्णायक कदम की अपेक्षा

नागरिक संगठनों, समाजसेवियों और रहवासियों ने प्रशासन और पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि—

  • सभी स्पा सेंटरों की सघन जांच की जाए
  • अनैतिक गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले सेंटरों के लाइसेंस तत्काल रद्द किए जाएँ
  • संचालकों और इसमें शामिल दलालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो
  • संरक्षण देने वाले पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाए

शहर की गरिमा बचाने की चुनौती

जबलपुर की सांस्कृतिक पहचान पर लग रहे इस दाग को मिटाने के लिए प्रशासन को अब कड़े और पारदर्शी कदम उठाने की जरूरत है।
समाज, प्रशासन और पुलिस की संयुक्त पहल से ही इस अवैध नेटवर्क पर रोक लगाई जा सकती है और संस्कारधानी की गरिमा को दोबारा स्थापित किया जा सकता है।

 

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