मध्य प्रदेश

जमीनी कामों से प्रभावित हुए पिपरिया विधायक ठाकुरदास नागवंशी, पंचायत प्रयासों की खुलकर सराहना

संवाददाता राकेश पटेल इक्का

नर्मदापुरम/पिपरिया।
जहां अनेक स्थानों पर विकास योजनाएं आज भी फाइलों और बैठकों तक सीमित नजर आती हैं, वहीं नर्मदापुरम जिले की ग्राम पंचायत बीजनवाड़ा ने जमीनी कार्यों के माध्यम से एक अलग पहचान बनाई है। गांव में हुए ठोस और जनहितकारी विकास कार्यों को देखकर पिपरिया विधायक ठाकुरदास नागवंशी ने पंचायत के प्रयासों की खुले मंच से सराहना की है।

विधायक नागवंशी ने कहा कि बीजनवाड़ा ने यह साबित कर दिया है कि यदि पंचायत नेतृत्व की नीयत साफ हो और प्राथमिकताएं जनहित से जुड़ी हों, तो सीमित संसाधनों में भी उल्लेखनीय बदलाव संभव है। उन्होंने गांव में किए गए कार्यों को अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

किसानों की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान

बीजनवाड़ा के किसानों के लिए खेतों तक पहुंचने का रास्ता लंबे समय से एक बड़ी चुनौती बना हुआ था। बरसात के मौसम में नाले उफान पर आ जाते थे, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और किसानों को जोखिम भरी परिस्थितियों में आवाजाही करनी पड़ती थी। इस जमीनी समस्या को गंभीरता से लेते हुए ग्राम पंचायत द्वारा खेतों की ओर जाने वाले मार्ग पर पुल का निर्माण कराया गया।

यह निर्माण केवल एक संरचनात्मक कार्य नहीं, बल्कि किसानों की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान से जुड़ा निर्णय साबित हुआ है। पुल बनने के बाद किसान समय पर अपने खेतों तक पहुंच पा रहे हैं, फसलों की देखरेख आसान हुई है और आवागमन से जुड़ा जोखिम पूरी तरह समाप्त हो गया है।

योजनाएं कागजों में नहीं, धरातल पर दिखीं

बीजनवाड़ा पंचायत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यहां विकास केवल प्रस्तावों और बैठकों तक सीमित नहीं रहता। पंचायत की कार्यशैली यह रही है कि पहले ग्रामीणों की समस्याओं को समझा गया, फिर योजनाओं को उसी अनुसार धरातल पर उतारा गया।

महिला सरपंच श्रीमती माधुरी पंचम सिंह बैंकर के नेतृत्व में पंचायत ने गांव की प्रत्येक समस्या को व्यक्तिगत जिम्मेदारी की तरह लिया—चाहे वह स्वच्छता से जुड़ा विषय हो, किसानों की सुविधा हो या गांव की बुनियादी संरचना का विकास।

स्वच्छता को मिली नई दिशा

गांव को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से पंचायत द्वारा कचरा गाड़ी सेवा की शुरुआत की गई। जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में कचरा गाड़ी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इसके साथ ही ग्रामीणों से कचरे के पृथक्करण और नियमित सहयोग की अपील की गई।

इस पहल ने यह संदेश दिया कि स्वच्छता केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी है। आज स्थिति यह है कि बीजनवाड़ा में स्वच्छता एक नारा नहीं, बल्कि ग्रामीणों की दिनचर्या का हिस्सा बनती जा रही है।

महिला नेतृत्व में विकास की सशक्त मिसाल

महिला सरपंच के नेतृत्व में बीजनवाड़ा ने यह दिखा दिया है कि संसाधनों की सीमाएं विकास में बाधा नहीं बनतीं, यदि सोच स्पष्ट और इरादे मजबूत हों। जहां कई बड़े शहर आज भी कचरा प्रबंधन, सुरक्षित आवागमन और जनभागीदारी जैसे मुद्दों से जूझ रहे हैं, वहीं बीजनवाड़ा ने इन्हें गांव स्तर पर सफलतापूर्वक लागू कर उदाहरण प्रस्तुत किया है।

गांव से मिली सीख

आज बीजनवाड़ा में किसान राहत महसूस कर रहे हैं, ग्रामीण निर्णय प्रक्रियाओं में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं और पंचायत व्यवस्था पर भरोसा मजबूत हुआ है। यह वही परिवर्तन है, जो केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि निरंतर कार्य, पारदर्शिता और संवेदनशील नेतृत्व से आता है।

बीजनवाड़ा अब सिर्फ एक गांव नहीं रहा, बल्कि यह साबित करता है कि यदि सरपंच ठान ले, तो पंचायत अपने बल पर भी वह कर सकती है, जो कई बार बड़े शहरों में भी अधूरा रह जाता है।

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