पंचकुण्डीय रुद्र महायज्ञ: विपिन बिहारी जी ने बेटियों से भाई रूप में किया मार्मिक निवेदन
सालीचौका के पंचकुण्डीय रुद्र महायज्ञ में 15 हजार श्रद्धालुओं की भीड़; महंत विपिन बिहारी जी ने बेटियों को माता-पिता की इज़्ज़त रखने का संदेश दिया, पूर्व विधायक शामिल।

संवाददाता अवधेश चौकसे
सालीचौका/नरसिंहपुर। समीपस्थ बंदेमातरम आश्रम रेशम केंद्र के निकट बेलखैड़ी हार बसुरिया में आयोजित पंचकुण्डीय रुद्र महायज्ञ, रुद्री निर्माण एवं शिव महापुराण साप्ताहिक ज्ञान यज्ञ का धार्मिक उत्साह लगातार चरम पर है। शुक्रवार को यज्ञ के छठवें दिन पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जो लगभग 15,000 से अधिक रही। अतिरिक्त व्यवस्थाओं के बावजूद पंडाल में बैठने की जगह कम पड़ गई।
पूर्व विधायकों ने लिया यज्ञ का आशीर्वाद
बुंदेलखंड के प्रसिद्ध कथा व्यास आचार्य गौपीठाधीश्वर महंत 108 श्री विपिन बिहारी जी की कथा के दौरान
- पूर्व विधायक पं. दीनदयाल ढ़िमोले
- पूर्व विधायक पं. नरेश पाठक
अपने साथियों के साथ उपस्थित हुए और पुण्य लाभ प्राप्त किया।
विपिन बिहारी जी का बेटियों पर आधारित विशेष संदेश
शुक्रवार की कथा विशेष रूप से महिला एवं बेटियों के विषय पर केंद्रित रही। पूज्य संत श्री विपिन बिहारी जी ने अपने मार्मिक वचनों से पंडाल में बैठे हर श्रोता को भावविभोर कर दिया।
बेटियों से भाई रूप में किया अनुरोध
उन्होंने बेटियों से कहा—
“बाप–मेहतारी (माता-पिता) की इज़्ज़त रखना।
यदि भाई न हो, तो स्वयं अपने आपको भाई मानकर
अपने माता-पिता के हाथों से कन्यादान कराना।”
बेटों को भी दी सीख
उन्होंने आगाह करते हुए कहा—
“जो लड़की माता-पिता को छोड़कर भागकर शादी करती है,
वह दो वर्ष में तुम्हारे भी साथ नहीं रहेगी।
ऐसे संबंधों से बचना चाहिए।”
महिलाओं से पुनः निवेदन
संत श्री विपिन बिहारी जी ने महिला श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि—
- कथा में अत्यधिक महंगे आभूषण न पहनें,
- ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा, भीड़भाड़ या सुरक्षा समस्या न उत्पन्न हो।
उन्होंने आगे भी कथा श्रवण हेतु अधिक से अधिक संख्या में आने की अपील की।







