“ओ मां ओ मां तुम किस जहां में खो गई,” हम भरी दुनिया में तन्हा हो गए

स्वर्गीय श्रीमती मधु साहू माता जी को कोटि-कोटि नमन।
उनका स्नेह, त्याग और संस्कार आज भी हमारे जीवन में प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं।उन्होंने अपने परिवार को प्रेम, अनुशासन और नैतिक मूल्यों की जो सीख दी, वह हमारे हर कदम पर मार्गदर्शन करती है। उनका सादा जीवन, उच्च विचार और दूसरों के प्रति करुणा का भाव हमें हमेशा याद दिलाता है कि सच्ची महानता सेवा और विनम्रता में होती है।
माताजी का व्यक्तित्व अत्यंत सरल, सौम्य और प्रेरणादायक था। उन्होंने हर परिस्थिति में धैर्य और साहस का परिचय दिया तथा परिवार को एकजुट रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी मधुर वाणी और स्नेहिल व्यवहार ने हर किसी के दिल में उनके लिए विशेष स्थान बनाया।
आज उनकी श्रद्धांजलि पर हम सभी उन्हें श्रद्धापूर्वक याद करते हुए उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लेते हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि उनकी दिव्य आत्मा को शांति प्रदान करें और हमें उनके दिखाए मार्ग पर चलने की शक्ति दें।
माताजी, आप हमेशा हमारे दिलों में जीवित रहेंगी। सादर नमन।
बेटा कृष्णा साहू
पति श्री अनिल साहू
बड़े पापा जी श्री हेमराज साहू
बड़ी मां श्रीमती राधा साहू जी
एवं समस्त साहू परिवार गाडरवारा







