नर्मदापुरम: अधिकारी ने कमर पकड़ी, छाती पर हाथ लगाया, महिला एवं बाल विकास विभाग में छेड़छाड़ का मामला

नर्मदापुरम। मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग में कार्यरत एक 42 वर्षीय महिला आउटसोर्स कर्मचारी ने विभाग के सहायक संचालक संजय जैन पर छेड़छाड़, मानसिक प्रताड़ना और नौकरी से निकालने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ छेड़छाड़ और एससी-एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पदस्थापना के बाद शुरू हुई कथित प्रताड़ना
पीड़िता के अनुसार, अक्टूबर 2025 में संजय जैन के सहायक संचालक पद पर पदस्थ होने के बाद से ही वह उसे लगातार परेशान कर रहे थे। महिला का आरोप है कि जब भी वह उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर करने या किसी कार्यालयीन कार्य से उनके केबिन में जाती, तो आरोपी अधिकारी आपत्तिजनक नजरों से देखते, हाथ पकड़ते और अश्लील टिप्पणियां करते थे। विरोध करने पर उसे नौकरी से हटाने की धमकी दी जाती थी।
छत पर अकेले पाकर छेड़छाड़ का आरोप
महिला ने पुलिस को बताया कि 1 दिसंबर 2025 को दोपहर करीब 2:30 बजे लंच के समय वह कार्यालय की छत पर टहल रही थी। इसी दौरान संजय जैन वहां पहुंचे और पीछे से उसकी कमर पकड़कर छाती पर हाथ लगाया। पीड़िता का आरोप है कि जब उसने विरोध किया और शोर मचाने की कोशिश की तो उसका मुंह दबाकर धमकाया गया। आरोपी ने घटना की जानकारी देने पर नौकरी से निकालने और जान से मारने की धमकी भी दी।
शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
घटना के बाद भय के कारण महिला लंबे समय तक चुप रही। लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से परेशान होकर उसने 12 जनवरी को जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) ललित डहेरिया को लिखित शिकायत दी, लेकिन आरोप है कि शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। इसके बाद महिला ने महिला थाने पहुंचकर एफआईआर दर्ज कराई।
निजी गतिविधियों पर नजर रखने का भी आरोप
पीड़िता का कहना है कि आरोपी अधिकारी उसके खाने-पीने, वॉशरूम जाने जैसी निजी गतिविधियों पर भी नजर रखता था और बार-बार सवाल करता था। एक बार उसे अपनी निजी स्थिति बताने के लिए मजबूर किया गया, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गई।
आरोपी अधिकारी ने आरोपों को बताया झूठा
सहायक संचालक संजय जैन ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि महिला आउटसोर्स कर्मचारी है और वह अक्सर बिना सूचना के अनुपस्थित रहती थी। इसी कारण उसे नोटिस दिए गए थे। कार्यालय का काम प्रभावित होने पर उन्होंने आउटसोर्स एजेंसी को दूसरे कर्मचारी की मांग के लिए पत्र लिखा था। उनका दावा है कि इसी से नाराज होकर महिला ने उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके केबिन में पारदर्शी कांच लगा है।
पुलिस जांच जारी
महिला थाना प्रभारी हेमलता मिश्रा ने बताया कि महिला की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







