MP NEWS: युवती को युवती से हुआ प्यार, समलैंगिक विवाह कर बनी जीवनसाथी, जेंडर चेंज की भी तैयारी
Chhatarpur News: छतरपुर की युवती ने महोबा की युवती से समलैंगिक विवाह किया। दिल्ली में कोर्ट मैरिज के बाद परिवार ने पारंपरिक रस्मों से स्वागत किया, जेंडर चेंज की भी तैयारी।

छतरपुर।
बुंदेलखंड क्षेत्र से समलैंगिक विवाह का एक अनोखा और चर्चा में रहने वाला मामला सामने आया है। मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले की एक युवती ने उत्तर प्रदेश के महोबा जिले की युवती से प्रेम विवाह कर सामाजिक रूढ़ियों को चुनौती दी है। दोनों ने एक-दूसरे का हाथ थामते हुए जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया है।
सब्जी बेचते समय शुरू हुआ प्रेम, शादी तक पहुंचा रिश्ता

जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के महोबा जनपद के चरखारी नगर निवासी साहब सिंह की पुत्री हेमा और छतरपुर जिले के चंदला थाना क्षेत्र के ग्राम लबरहा निवासी पूजा अहिरवार की मुलाकात करीब तीन साल पहले दिल्ली में हुई थी।
दोनों के बीच पहले दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई और अंततः विवाह तक पहुंच गई।
कोर्ट मैरिज के बाद पारंपरिक रस्मों से स्वागत
हेमा ने अपनी पहचान को स्वीकार करते हुए स्वयं को हेमा से हेमंत के रूप में प्रस्तुत किया और 6 अक्टूबर को दिल्ली में कोर्ट मैरिज की।
इसके बाद दोनों पहली बार चरखारी स्थित घर पहुंचीं, जहां परिजनों ने न सिर्फ खुले दिल से स्वागत किया, बल्कि पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह की रस्में भी संपन्न कराईं।
इस अनोखे विवाह की खबर फैलते ही आसपास के इलाकों में चर्चा का विषय बन गया और रिश्तेदारों व पड़ोसियों की भीड़ नवदंपती को आशीर्वाद देने पहुंची।

परिवार ने स्वीकार किया रिश्ता, हुआ संगीत और मुंह दिखाई कार्यक्रम
हेमा उर्फ हेमंत की मां फूलवती ने बताया कि परिवार ने इस रिश्ते को पूरी तरह स्वीकार कर लिया है।
उन्होंने कहा कि घर में मुंह दिखाई की रस्म, संगीत कार्यक्रम और अन्य पारंपरिक आयोजन भी किए गए।
उन्होंने जानकारी दी कि परिवार में चार बेटियां हैं, जिनमें से दो की शादी हो चुकी है, तीसरी ने समलैंगिक विवाह किया है और चौथी की शादी शेष है। परिवार में एक नाबालिग पुत्र भी है।
जेंडर चेंज की प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी
हेमा उर्फ हेमंत ने बताया कि उनकी पत्नी पूजा स्नातक द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं।
भविष्य की योजनाओं को लेकर उन्होंने कहा कि वे जेंडर चेंज की प्रक्रिया भी पूरी करेंगे।
हालांकि शुरुआत में दोनों परिवारों की ओर से कुछ आपत्तियां सामने आई थीं, लेकिन बाद में परिवारों की सहमति और सामाजिक स्वीकार्यता के साथ यह विवाह संपन्न हुआ।







