डॉ. अमृता राजे पलिया का संदेश — “नदी साफ रहे, मन साफ रहे, यही हमारी सच्ची पूजा है”
नर्मदापुरम में अमृता मातृशक्ति संगठन की बैठक में डॉ. अमृता राजे पलिया ने माँ नर्मदा की सफाई और नशामुक्त समाज के लिए अभियान शुरू करने का संकल्प दिलाया। कहा — “नदी हमारी माँ है, इसे स्वच्छ रखना ही सच्ची भक्ति है।”

संवाददाता राकेश पटेल इक्का
नर्मदापुरम।
माँ नर्मदा की गोद में बैठी मातृशक्ति ने आज एक अनमोल संदेश दिया —
“नदी साफ रहे, मन साफ रहे, यही हमारी सच्ची पूजा है।”
डॉ. अमृता राजे पलिया के कार्यालय में आयोजित अमृता मातृशक्ति संगठन की बैठक में नर्मदापुरम, रायसेन और नरसिंहपुर जिलों से आईं सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया। बैठक का माहौल भक्ति, संकल्प और मातृत्व भाव से सराबोर रहा।
डॉ. अमृता राजे पलिया ने कहा —
“माँ नर्मदा हमारी जीवनदायिनी हैं। इनके बिना ना खेत हरे रहेंगे, ना हमारे बच्चे तंदुरुस्त। माँ के आँचल में गंदगी रहना अपने घर में आग लगाने जैसा है।”
बैठक में तय किया गया कि अब गाँव-गाँव जाकर नदी स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। महिलाएँ, बच्चे और बुजुर्ग सभी मिलकर नदी किनारों की सफाई करेंगे और लोगों को समझाएँगे कि वे कचरा या पूजा सामग्री नदी में न डालें।
नशा मुक्ति पर चर्चा के दौरान माहौल और गंभीर हो गया। डॉ. अमृता राजे ने कहा —
“नशा घर की खुशियाँ छीन लेता है। हमें अपने गाँवों को नशामुक्त बनाना है, तभी असली सुख मिलेगा।”
बैठक के अंत में सभी मातृशक्ति ने हाथ उठाकर माँ नर्मदा को पुनः निर्मल बनाने का संकल्प लिया। माहौल भक्ति और जोश से भर गया — मिट्टी की खुशबू में माँ के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी का भाव गूंज उठा।
🌿 “नदी साफ रहे, मन साफ रहे” — डॉ. अमृता राजे पलिया का संदेश
अमृता मातृशक्ति संगठन ने लिया संकल्प — माँ नर्मदा को फिर से निर्मल बनाएँगे 💧💚







