श्रृंगैश्वर धाम में ‘गौ सम्मान अभियान’ को लेकर बैठक संपन्न, 27 अप्रैल को ज्ञापन सौंपने का आह्वान
झाबुआ के श्रृंगैश्वर महादेव धाम में गौ सम्मान अभियान के तहत बैठक आयोजित हुई। गौ हत्या पर प्रतिबंध और गौ माता को राष्ट्रीय दर्जा देने की मांग के साथ 27 अप्रैल को ज्ञापन सौंपने का आह्वान किया गया।

झाबुआ | जनता एक्सप्रेस लाइव | रमेश कुमार सोलंकी
झाबुआ जिले के झकनावदा/केसरपुरा क्षेत्र स्थित श्रृंगैश्वर महादेव धाम में गुरुवार, 9 अप्रैल 2026 को गौ सम्मान अभियान के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक मधु कन्या एवं माही नदी के पावन तट पर संपन्न हुई, जिसमें गौ माता की सुरक्षा और सम्मान को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक का मुख्य उद्देश्य देश में बढ़ रही गौ हत्या की घटनाओं पर रोक लगाने और इसके लिए सख्त कानून लागू करने की मांग को लेकर जनजागरण करना रहा।
गौ माता को राष्ट्रीय दर्जा देने की मांग
बैठक में वक्ताओं ने एक स्वर में मांग रखी कि—
- गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए
- गौ माता को राष्ट्रीय पशु, राष्ट्र माता, राष्ट्र धरोहर और राष्ट्र देव का दर्जा मिले
- गौ सेवा के लिए केंद्रीय कानून लागू किया जाए
- केंद्र स्तर पर गौ सेवा मंत्रालय बनाया जाए
- चारा सुरक्षा नीति के लिए गोचर बोर्ड का गठन किया जाए
वक्ताओं ने रखे विचार
इस दौरान वेद लक्षण गौ माता जिला अध्यक्ष धार विजय पाटीदार ने कहा कि गौ रक्षा के लिए समाज को एकजुट होना होगा और इसके लिए संगठित प्रयास जरूरी हैं।
बैठक महंत रामेश्वर गिरी महाराज के सानिध्य में आयोजित हुई। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “गौ माता की रक्षा करना राष्ट्र की रक्षा के समान है।”
वहीं, राजगढ़ के नरसिंह दास बैरागी ने कहा कि यदि इसी तरह गायों की बिक्री और हत्या जारी रही तो भविष्य में गौ पूजा के लिए गाय मिलना भी कठिन हो जाएगा।
27 अप्रैल को ज्ञापन सौंपने का आह्वान
बैठक में महंत रामेश्वर गिरी महाराज ने सभी गौ रक्षकों, गौ सेवकों एवं हिंदू समाज के लोगों से अपील की कि वे 27 अप्रैल 2026 को अधिक से अधिक संख्या में तहसील प्रांगण पहुंचकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपें।
ये रहे उपस्थित
बैठक में प्रमुख रूप से— जगदीश चोयल, भूपेंद्र सिंह राठौर, वीरेंद्र गोस्वामी, राधेश्याम देवड़ा, डूंगर चंद लछेटा सहित पेटलावद तहसील की विभिन्न गौशालाओं (छापरी, बामनिया, बनी) के गौ रक्षक एवं सेवक उपस्थित रहे।








