माहेश्वरी समाज के मांगलिक सभागार का 27 दिसंबर को होगा लोकार्पण,कैबिनेट मंत्री राव उदयप्रताप सिंह करेंगे उद्घाटन, गाडरवारा को मिलेगी नई सामुदायिक सुविधा
₹20 लाख की लागत से बना आधुनिक सभागार, विधायक निधि से मिला ₹10 लाख का सहयोग

गाडरवारा। स्थानीय माहेश्वरी समाज के लिए एक महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण अवसर आने जा रहा है। समाज के भवन परिसर में नवनिर्मित मांगलिक सभागार (शेड) का लोकार्पण समारोह शनिवार, 27 दिसंबर को दोपहर 2 बजे आयोजित किया जाएगा। इस सभागार का लोकार्पण क्षेत्रीय विधायक एवं मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री राव उदयप्रताप सिंह के करकमलों से संपन्न होगा।
नगर पालिका अध्यक्ष रहेंगे विशिष्ट अतिथि
इस गरिमामय कार्यक्रम में नगरपालिका परिषद गाडरवारा के अध्यक्ष पंडित शिवाकांत मिश्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजन, गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि एवं पत्रकारों की उपस्थिति अपेक्षित है।
₹20 लाख की लागत से हुआ सभागार का निर्माण
माहेश्वरी समाज संगठन के अध्यक्ष श्री महेश मालपानी एवं सचिव श्री मुरली मालानी ने जानकारी देते हुए बताया कि—
- लगभग 5,000 वर्गफुट क्षेत्रफल में निर्मित यह मांगलिक सभागार
- कुल ₹20 लाख की लागत से तैयार किया गया है
- इसमें से ₹10 लाख की राशि विधायक निधि से मंत्री श्री राव उदयप्रताप सिंह द्वारा प्रदान की गई
- शेष ₹10 लाख की राशि समाज द्वारा स्वयं वहन की गई है
समाजिक एवं पारिवारिक आयोजनों को मिलेगा लाभ
इस नवनिर्मित मांगलिक सभागार के निर्माण से
- विवाह एवं मांगलिक कार्यक्रम
- सामाजिक बैठकें
- सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन
जैसे कार्यक्रमों के आयोजन में समाज के साथ-साथ आमजन को भी सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा। यह सभागार क्षेत्र की सामाजिक गतिविधियों को एक नया आयाम देगा।
मंत्री के सहयोग पर समाज ने जताया आभार
माहेश्वरी समाज ने इस महत्वपूर्ण परियोजना में सहयोग के लिए कैबिनेट मंत्री श्री राव उदयप्रताप सिंह के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की है। साथ ही समाज संगठन द्वारा सभी सजातीय बंधुओं, सामाजिक संगठनों एवं पत्रकार बंधुओं से आग्रह किया गया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाएं।
समाज में उत्साह का माहौल
मांगलिक सभागार के लोकार्पण को लेकर माहेश्वरी समाज में उत्साह का वातावरण है। समाज के लोगों का मानना है कि यह सभागार आने वाले वर्षों में समाजिक एकता और आयोजन संस्कृति को मजबूत करेगा।







