फूड इंस्पेक्टर प्रहलाद राठौर को जिला पंचायत सदस्य से दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास, कोर्ट ने कहा – महिला की गरिमा रौंदी गई
रायपुर की विशेष अदालत ने फूड इंस्पेक्टर प्रहलाद राठौर को जिला पंचायत सदस्य से दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास और 8 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने कहा – महिला की गरिमा रौंदी गई।

रायपुर।
जिला पंचायत सदस्य युवती से शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने, अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देने और रायपुर के ओयो लॉज में बंधक बनाकर बलात्कार करने के मामले में फूड इंस्पेक्टर प्रहलाद राठौर को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
रायपुर की विशेष न्यायाधीश (अपर सत्र न्यायालय) पंकज कुमार सिन्हा की अदालत ने सोमवार, 3 नवंबर 2025 को यह फैसला सुनाते हुए आरोपी को 8 हजार रुपए अर्थदंड से भी दंडित किया। अर्थदंड का भुगतान न करने पर उसे 6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
शादी का झांसा देकर संबंध, फिर वायरल वीडियो से ब्लैकमेल
विशेष लोक अभियोजक उमा शंकर वर्मा ने अदालत को बताया कि दोषी प्रहलाद राठौर की पहचान लगभग तीन साल पहले एक जिला पंचायत सदस्य युवती से हुई थी।
दोनों के बीच लगातार बातचीत होने लगी और आरोपी ने खुद को अविवाहित बताते हुए युवती से नजदीकियां बढ़ाईं। लगभग 18 माह तक दोनों के बीच संबंध रहे।
बाद में जब युवती को यह पता चला कि राठौर पहले से शादीशुदा है, तो उसने उससे दूरी बना ली। इसके बाद आरोपी ने अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
ओयो लॉज में बंधक बनाकर किया बलात्कार
अभियोजन के अनुसार, 28 फरवरी 2023 को आरोपी ने युवती को फोन कर कहा कि वह उसके सामने ही वीडियो डिलीट कर देगा।
युवती रात 9:30 बजे रायपुर पहुंची, जहां राठौर उसे अपनी कार में बैठाकर कचना इलाके स्थित ओयो लॉज में ले गया।
वहां उसने युवती के हाथ-पैर बांधकर दुष्कर्म किया। अगले दिन आरोपी ने अपने साथियों — प्रमिला साहू, कौशल प्रसाद साहू, रजनीकांत साहू, उर्मिला साहू और अनिता साहू — को बुलाया।
सभी ने मिलकर युवती की पिटाई की, पर्स छीना और देर रात 2 बजे उसे छोड़कर भाग गए।
थाने में रिपोर्ट, 23 गवाहों ने दिया बयान
पीड़िता ने घर पहुंचकर खम्हारडीह थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने घटना स्थल से सबूत इकट्ठे किए और आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, अपहरण, धमकी और मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज किया।
मामले की विवेचना में पुलिस ने 23 गवाहों के बयान, वीडियो, कॉल डिटेल्स और मेडिकल रिपोर्ट कोर्ट में पेश की।
कोर्ट ने कहा – “महिला की गरिमा रौंदी गई”
लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा कि आरोपी ने महिला की गरिमा और विश्वास को रौंदा है।
न्यायालय ने टिप्पणी की कि “यह अपराध समाज के लिए निंदनीय उदाहरण है, जहां एक अधिकारी ने अपने पद का दुरुपयोग कर महिला की अस्मिता को ठेस पहुंचाई।”
कोर्ट ने आरोपी को आजीवन कारावास और 8 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई, साथ ही चेताया कि भुगतान न करने पर उसे 6 माह की अतिरिक्त कठोर कैद भुगतनी होगी।
इस मामले के अन्य सहआरोपियों को पहले ही दोषी ठहराया जा चुका है।
अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने राठौर को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।







