रायपुर ग्राम पंचायत में विधिक सहायता शिविर आयोजित, ग्रामीणों को अधिकारों–कर्तव्यों की दी गई जानकारी

नर्मदापुरम। नर्मदापुरम स्थित शासकीय विधि महाविद्यालय ग्राम बुधवारा द्वारा ग्राम स्तर पर विधिक जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से रायपुर ग्राम पंचायत में एक दिवसीय विधिक सहायता शिविर का आयोजन 17 फरवरी 2026 को किया गया।
कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ कल्पना भारद्वाज एवं विभागाध्यक्ष शिवाकांत मौर्य के मार्गदर्शन तथा प्रकोष्ठ प्रभारी के संयोजन में संपन्न हुआ। शिविर की अध्यक्षता ग्राम पंचायत रायपुर के सचिव लालता मालवीय ने की।
महिला अधिकार और सशक्तिकरण पर विशेष जोर
कार्यक्रम की शुरुआत शालिनी सराठे द्वारा शिविर की रूपरेखा प्रस्तुत करने से हुई। कविता राजपूत ने महिला अधिकार, परिवार प्रबोधन तथा “सशक्त नारी–सशक्त समाज” की अवधारणा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने महिलाओं को संविधान एवं विभिन्न कानूनों द्वारा प्रदत्त संरक्षण, घरेलू हिंसा से सुरक्षा और न्यायिक उपायों की जानकारी दी।
यातायात नियम और सड़क सुरक्षा
जुगल किशोर ने यातायात कानून पर व्याख्यान देते हुए सड़क उपयोगकर्ताओं के अधिकार एवं कर्तव्यों को स्पष्ट किया।
- हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग
- नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की कानूनी स्थिति
- सड़क सुरक्षा नियमों का पालन
इन बिंदुओं पर विशेष बल दिया गया।
मानसिक स्वास्थ्य और डिजिटल लत पर चर्चा
रोशनी नरवरिया ने मानसिक स्वास्थ्य और डिजिटल लत जैसे समकालीन विषय पर विचार रखे। उन्होंने इसके शारीरिक एवं सामाजिक दुष्परिणामों को रेखांकित करते हुए “सेफ माइंड–सेफ वर्ल्ड” की अवधारणा प्रस्तुत की। संतुलित डिजिटल उपयोग, पारिवारिक संवाद और सामुदायिक सहयोग को आवश्यक बताया गया।
मानव अधिकार और साइबर सुरक्षा की जानकारी
उत्तम गोलिया ने मानव अधिकार एवं मौलिक अधिकारों पर प्रकाश डालते हुए भारतीय संविधान में निहित अधिकारों की व्याख्या की और ग्रामीणों को अपने संवैधानिक संरक्षण के प्रति सजग रहने की प्रेरणा दी।
सचिन खरे ने साइबर अपराध एवं डिजिटल सुरक्षा पर जानकारी देते हुए ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, ओटीपी साझा करने के जोखिम और सोशल मीडिया दुरुपयोग से बचाव के व्यावहारिक उपाय बताए। साथ ही साइबर अपराध की स्थिति में त्वरित शिकायत प्रक्रिया और कानूनी सहायता के विकल्पों की जानकारी दी।
संविधान प्रस्तावना का वाचन
कार्यक्रम के अंत में आनंद सिंह ने संविधान की प्रस्तावना का वाचन कर सभी का आभार व्यक्त किया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे और विधिक जागरूकता के प्रति उत्साह दिखाया।
यह पहल ग्रामीण स्तर पर कानून की समझ विकसित करने और नागरिकों को उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।







