“रात में पत्नी मेरे घर छोड़ दो, कर्जा माफ कर दूंगा” — गुना में सूदखोर की हैवानियत, न्याय की गुहार लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचा दलित परिवार
Guna News: गुना में सूदखोर ने कर्ज के बदले दलित युवक से पत्नी सौंपने की शर्मनाक शर्त रखी। पुलिस से निराश परिवार ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई।

गुना। मध्यप्रदेश के गुना जिले से सामने आया यह मामला न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि समाज की मानवीय संवेदनाओं को भी झकझोर देने वाला है। मधुसूदनगढ़ तहसील के ग्राम परवरिया निवासी एक दलित परिवार मंगलवार को गुना कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में पहुंचा और सूदखोर द्वारा की गई हैवानियत की दास्तां सुनाई। पीड़ित रामस्वरूप वाल्मीकि और उसकी पत्नी रसीता बाई ने गांव के ही एक रसूखदार व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए, जिन्हें सुनकर अधिकारी भी स्तब्ध रह गए।
कर्जा चुका दिया, फिर भी जारी रही अवैध वसूली
पीड़ित रामस्वरूप ने कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया कि उसने गांव के ही राकेश कलावत से कुछ पैसे उधार लिए थे। मेहनत-मजदूरी कर उसने उधार की पूरी रकम ब्याज सहित चुका दी, इसके बावजूद आरोपी लगातार अतिरिक्त पैसों की मांग करता रहा। आरोप है कि दबाव बनाने के लिए आरोपी ने सरेआम रामस्वरूप की मोटरसाइकिल छीन ली और धमकी दी कि जब तक और पैसे नहीं दिए जाएंगे, वाहन वापस नहीं मिलेगा।
पत्नी सौंपने की घिनौनी शर्त, मर्यादा तार-तार
मामले का सबसे शर्मनाक और चौंकाने वाला पहलू तब सामने आया, जब पीड़ित ने और पैसे देने में असमर्थता जताई। आरोप है कि इसके बाद सूदखोर राकेश कलावत ने मर्यादा की सारी सीमाएं तोड़ते हुए कहा—
“अगर पैसे नहीं दे सकते तो अपनी पत्नी को एक रात के लिए मेरे घर छोड़ दो, मैं सारा कर्जा माफ कर दूंगा।”
पीड़ित दंपति के अनुसार, इस घिनौनी मांग का विरोध करने पर आरोपी ने पूरे परिवार को जान से मारने और गांव से बाहर कर देने की धमकी दी।
पुलिस से नहीं मिली मदद, अब प्रशासन से उम्मीद
बेहद गरीब तबके से आने वाला यह परिवार कई दिनों से डर और दहशत में जी रहा है। पीड़ित का कहना है कि उसने स्थानीय पुलिस थाने में भी शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। रसूख और दबाव के चलते पुलिस की चुप्पी ने आरोपी के हौसले और बढ़ा दिए। आखिरकार थक-हारकर परिवार को कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में पहुंचकर न्याय की गुहार लगानी पड़ी।
कड़ी कार्रवाई की मांग
पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन से आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई, जान-माल की सुरक्षा और छीनी गई मोटरसाइकिल वापस दिलाने की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब सभी की नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है।







