शंखनाद के साथ गाडरवारा में संयुक्त हिंदू सम्मेलन संपन्न, RSS शताब्दी वर्ष को लेकर दिखा उत्साह
गाडरवारा में RSS शताब्दी वर्ष के तहत झंडा चौक व पुरानी गल्ला मंडी बस्ती का संयुक्त हिंदू सम्मेलन संपन्न। संतों के उद्बोधन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामाजिक एकता का संदेश।

गाडरवारा।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में देशभर में मंडल व बस्ती स्तर पर आयोजित हो रहे हिंदू सम्मेलनों की श्रृंखला में गाडरवारा नगर की झंडा चौक बस्ती एवं पुरानी गल्ला मंडी बस्ती का संयुक्त हिंदू सम्मेलन स्थानीय श्री देव जानकी खिरका मंदिर प्रांगण में शंखनाद के साथ भव्य रूप से संपन्न हुआ।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजा प्रथम चरण

सम्मेलन के प्रथम चरण में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम की शुरुआत उपस्थित सभी बंधुओं द्वारा सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ से हुई।
इसके पश्चात
- सत्यव्रत विद्या निकेतन के विद्यार्थियों द्वारा स्वागत नृत्य,
- शिवाजी इंटरनेशनल स्कूल के बच्चों द्वारा सरस्वती वंदना,
- दिल्ली पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा राम मंदिर निर्माण गाथा का मनमोहक चित्रण प्रस्तुत किया गया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ द्वितीय चरण
द्वितीय चरण में अतिथियों द्वारा गौ माता, धरती माता, कन्या पूजन एवं भारत माता पूजन कर दीप प्रज्वलन किया गया।

प्रमुख अतिथि व स्वागत
- मुख्य अतिथि: संत श्री विज्ञान चेतन जी महाराज (संकट मोचन हनुमान मंदिर, तेंदूखेड़ा)
स्वागत: रितेश राय (पार्षद प्रतिनिधि, शिवाजी वार्ड) - विशेष अतिथि: पूज्य श्री महंत बालक दास जी महाराज (प्रांतीय संयोजक, धर्म जागरण समन्वय विभाग – विश्व हिंदू परिषद)
स्वागत: राव संदीप सिंह (सर्व समाज) - मुख्य वक्ता: श्री हरिनारायण जी ममार (सह जिला कार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नरसिंहपुर)
स्वागत: कमल खटीक (प्रदेश मंत्री, अखिल भारतीय हिंदू महासभा) - विशिष्ट अतिथि: मातृशक्ति श्रीमती राखी राजपूत (चेयरपर्सन, दिल्ली पब्लिक इंटरनेशनल स्कूल)
स्वागत: पूजा प्रवेश राय (पार्षद, जगदीश वार्ड) - श्री कमलेश भार्गव (पुजारी, श्री देव अटल बिहारी मंदिर)
स्वागत: राजू बिश्नोई
वक्ताओं ने दिया सामाजिक एकता का संदेश
संत श्री विज्ञान चेतन महाराज ने कहा कि हिंदू सम्मेलन का उद्देश्य समाज में नई ऊर्जा व चेतना का संचार कर सनातन संस्कृति, सनातन धर्म और सामाजिक एकता को मजबूत करना है।
महंत बालक दास जी महाराज ने अपने उद्बोधन में जाति-पाति के भेदभाव को त्यागकर स्वयं को मां भारती की संतान मानने का आह्वान किया।
मातृशक्ति श्रीमती राखी राजपूत ने कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण एवं जल संरक्षण पर अपने विचार रखे।
मुख्य वक्ता श्री हरिनारायण जी ममार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा पर प्रकाश डाला।
वंदे मातरम के साथ समापन
सम्मेलन का समापन वंदे मातरम के सामूहिक गायन के साथ हुआ।
कार्यक्रम का संचालन अरविंद अग्रवाल (नगर सह कार्यवाह) ने किया एवं आभार प्रदर्शन गौरव शुक्ला (बस्ती प्रमुख) द्वारा किया गया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में राष्ट्रप्रेमी मातृशक्ति एवं पुरुष वर्ग की उपस्थिति ने सम्मेलन को ऐतिहासिक बना दिया।







