झाबुआ के शिल्प को ‘नामिका’ से मिलेगी नई पहचान, राष्ट्रीय बाजार से जुड़ेंगे जनजातीय उत्पाद
झाबुआ के जनजातीय शिल्प को ‘नामिका’ मेले से नई पहचान मिली। ट्रायफेड के माध्यम से गुड़ियाँ, आभूषण और पिथोरा पेंटिंग राष्ट्रीय बाजार से जुड़ेंगी।

संवाददाता रमेश कुमार सोलंकी
झाबुआ।
झाबुआ जिले की पहचान बन चुकी हस्तनिर्मित गुड़ियाँ, पारंपरिक आभूषण और पिथोरा पेंटिंग अब केवल स्थानीय हाट-बाजारों तक सीमित नहीं रहेंगी। जिला प्रशासन एवं ट्रायफेड (TRIFED) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘नामिका’ मेले ने जनजातीय शिल्पकारों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की है।
नीति आयोग के नामित सीपीओ संदीप कुमार मिश्रा एवं कलेक्टर नेहा मीना की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनजातीय कला एवं उत्पादों को ब्रांड के रूप में विकसित कर शिल्पकारों की आय में वृद्धि करना है।
ट्रायफेड से सीधे जुड़ेंगे शिल्पकार

भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय की संस्था ट्रायफेड अब झाबुआ के जनजातीय उत्पादों को देशभर में अपने 120 से अधिक आउटलेट्स एवं ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपलब्ध कराएगी।
मेले में शामिल 50 से अधिक समूहों और करीब 40 व्यक्तिगत शिल्पकारों को ट्रायफेड से जोड़ने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरने वाले उत्पादों को ‘ट्राइब्स इंडिया’ ब्रांड के तहत बाजार में उतारा जाएगा।
आय बढ़ाने के लिए अहम सुझाव
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने शिल्पकारों के आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
सीपीओ संदीप कुमार मिश्रा ने झाबुआ में स्थायी जनजातीय शिल्प केंद्र की स्थापना पर बल दिया। साथ ही शिल्पकारों और प्रशासन के बीच सतत संवाद के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाने का सुझाव दिया गया।

कलेक्टर नेहा मीना ने जानकारी दी कि पिथोरा आर्ट जैसी पारंपरिक कलाओं के संरक्षण एवं व्यवसायिक विकास के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। साथ ही FSSAI लाइसेंस एवं ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन दिलाने में प्रशासन पूर्ण सहयोग करेगा।
शिल्पकारों की प्रतिभा का भव्य प्रदर्शन
मेले में जिले के 25 से अधिक स्व-सहायता समूहों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया। प्रमुख उत्पादों में—
- झाबुआ की प्रसिद्ध हस्तनिर्मित गुड़ियाँ
- मिट्टी के बर्तन एवं पारंपरिक आभूषण
- जनजातीय संस्कृति को दर्शाती पिथोरा पेंटिंग
पिथोरा आर्ट को अब व्यावसायिक स्तर पर बढ़ावा देने की दिशा में ठोस पहल की जा रही है।
ट्रायफेड की बड़ी घोषणा

ट्रायफेड के विपणन अधिकारी योगेश यादव ने घोषणा की कि देशभर में आयोजित प्रदर्शनियों में भाग लेने वाले शिल्पकारों के आवागमन एवं ठहरने का पूरा खर्च ट्रायफेड वहन करेगा। इससे छोटे शिल्पकारों को बिना आर्थिक बोझ के बड़े बाजारों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ जितेंद्र सिंह, डिप्टी कलेक्टर अवनधती प्रधान, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग आर. एस. बघेल, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग सुप्रिया बिसेन, जिला शिक्षा अधिकारी आर. एस. बामनिया सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।







