झाबुआ: थांदला पुलिस ने 24 घंटे में सुलझाया अंधा कत्ल, पत्नी ने ही की थी पति की गला घोंटकर हत्या
झाबुआ के थांदला में अंधे कत्ल का पुलिस ने 24 घंटे में खुलासा किया। युवक की हत्या उसकी पत्नी ने चरित्र शंका और विवाद के चलते गला घोंटकर की थी।

संवाददाता रमेश कुमार सोलंकी
झाबुआ/थांदला।
झाबुआ जिले की थांदला पुलिस ने एक अंधे कत्ल का 24 घंटे के भीतर खुलासा कर बड़ी सफलता हासिल की है। थाना थांदला क्षेत्र में युवक की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक की हत्या उसकी पत्नी ने ही गला घोंटकर की थी।
घर में मिला था युवक का शव
दिनांक 28 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 12 बजे डायल 112 पर सूचना प्राप्त हुई कि कैलाश पिता रायचंद माल (उम्र 25 वर्ष) का शव उसके ही घर में पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही एसडीओपी थांदला एवं थाना प्रभारी थांदला पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल से बारीकी से साक्ष्य संकलित किए गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण गला दबाकर की गई हत्या पाया गया।
पत्नी ने ही रची हत्या की साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि घटना वाले दिन मृतक कैलाश अपनी पत्नी के साथ एक शादी समारोह में गया था। वहां नाचने को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ। बताया गया कि मृतक कैलाश पहले से ही पत्नी के चरित्र पर संदेह करता था।
इसी विवाद से गुस्साई पत्नी ने रात में घर लौटने के बाद पास में रखी पगड़ी को रस्सी बनाकर कैलाश का गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

अंधा कत्ल बना चुनौती, 24 घंटे में खुलासा
घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी न होने के कारण यह मामला अंधा कत्ल बन गया था। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में जिले की साइबर टीम और पुलिस की विशेष टीमें गठित की गईं। सतत प्रयासों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मृतक की पत्नी को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी महिला से पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
इस सराहनीय कार्रवाई में
निरीक्षक अशोक कनेश,
उनि नरेश निनामा,
सउनि हरेसिंह मुवेल,
सउनि शैलेन्द्र शुक्ला,
प्रधान आरक्षक 01 राजेन्द्र रावत,
आरक्षक 417 मदन,
आरक्षक 486 शंकर चरपोटा,
महिला आरक्षक 73 अंजली रावत
का विशेष योगदान रहा। पुलिस अधीक्षक द्वारा टीम को नकद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की गई है।
मामला दर्ज
थाना थांदला में अपराध क्रमांक 35/2026,
धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।







