जनसुनवाई में उठा अवैध रेत उत्खनन का मुद्दा, तत्काल रोक व कार्रवाई की मांग
दूधी नदी में पोकलेन से उत्खनन, ग्रामों को भारी नुकसान की आशंका

संवाददाता अवधेश चौकसे
सालीचौका। नगर परिषद सालीचौका अंतर्गत वार्ड क्रमांक 15, ग्राम केशला स्थित दूधी नदी में पोकलेन मशीन, डंपर एवं ट्रॉली के माध्यम से अवैध रेत उत्खनन किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराते हुए इस पर तत्काल रोक और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
बरसात में भी हो चुका है विरोध
ग्रामीणों ने बताया कि इससे पूर्व बरसात के समय किसान सभा की सहावन इकाई द्वारा अवैध उत्खनन के खिलाफ शिकायत की गई थी। उस समय आंदोलन की चेतावनी के बाद उत्खनन अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था, लेकिन अब पुनः अंधाधुंध तरीके से उत्खनन शुरू कर दिया गया है।
आरटीआई से खुलासा: कोई खदान स्वीकृत नहीं
30 दिसंबर 2025, मंगलवार को केशला और सहावन गांव के निवासियों ने आरटीआई के माध्यम से जानकारी प्राप्त की, जिसमें स्पष्ट हुआ कि संबंधित क्षेत्र में कोई भी रेत खदान स्वीकृत नहीं है। इसके बावजूद नदी में अवैध उत्खनन किया जा रहा है, जिससे नदी का बहाव आबादी वाले क्षेत्रों की ओर मुड़ रहा है और भारी कटाव व बड़े नुकसान की आशंका बन गई है।
सड़कें भी हुईं जर्जर
ग्रामीणों ने बताया कि अवैध खदान से सहावन होते हुए जनकपुर मुख्य मार्ग तक भारी डंपर लगातार निकल रहे हैं, जिससे प्रधानमंत्री सड़क और पीडब्ल्यूडी सड़क पूरी तरह उखड़ गई है। जनसुनवाई में इन सड़कों की तत्काल मरम्मत की भी मांग की गई।
जनसुनवाई में मौजूद रहे जनप्रतिनिधि व ग्रामीण
कलेक्टर के समक्ष आयोजित जनसुनवाई में
- जनपद पंचायत चीचली अध्यक्ष श्रीमती राधा अहिरवार,
- कमलेश कुमार अहिरवार,
- किसान सभा से नरेश वर्मा, भोजराज पटेल, परसोत्तम लोधी, लक्ष्मीनारायण अहिरवार, मुल्लू अहिरवार,
- वार्ड क्रमांक 15 ग्राम केशला से यश कुमार वर्मा, शुभम वर्मा, मन्नालाल धानक, हल्के ठाकुर, तुलाराम धानक
सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों और किसान संगठनों ने स्पष्ट किया कि यदि अवैध रेत उत्खनन पर शीघ्र रोक नहीं लगाई गई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।







