वीर बाल दिवस पर बच्चों को भेंट की गई प्रेरणादायक पुस्तकें
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बम्हौरीकलां में साहिबजादों के बलिदान को किया गया स्मरण

बम्हौरीकलां।
वीर बाल दिवस के अवसर पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बम्हौरीकलां में विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी एवं शिक्षाप्रद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान कक्षा छठवीं से आठवीं तक के विद्यार्थियों को वीर बाल दिवस के महत्व से अवगत कराया गया तथा उन्हें प्रेरणादायक पुस्तकें भेंट की गईं।
साहिबजादों के बलिदान की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान शिक्षक नगेन्द्र त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को जानकारी देते हुए बताया कि वीर बाल दिवस प्रतिवर्ष 26 दिसंबर को मनाया जाता है। यह दिवस सिख धर्म के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी के छोटे पुत्र साहिबजादा जोरावर सिंह एवं साहिबजादा फतेह सिंह के अद्वितीय बलिदान को स्मरण करने के लिए मनाया जाता है।
उन्होंने बताया कि 26 दिसंबर 1705 को मुगल शासक वजीर खान के अत्याचारों के सामने झुकने और धर्म परिवर्तन से इनकार करने पर इन दोनों साहिबजादों को जिंदा दीवार में चुनवा दिया गया, जो भारतीय इतिहास का एक अत्यंत गौरवपूर्ण और प्रेरणास्पद अध्याय है।
बच्चों में साहस, सत्य और धर्म के संस्कार
शिक्षक श्री त्रिपाठी ने कहा कि वीर बाल दिवस का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को साहस, सत्य, ईमानदारी, निडरता और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देना है। उन्होंने बताया कि वीर बाल दिवस की शुरुआत प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 9 जनवरी 2022 को गुरु गोविंद सिंह जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर की गई थी।
विज्ञान प्रदर्शनी व अन्य गतिविधियां भी आयोजित
इस अवसर पर विद्यालय में विज्ञान प्रदर्शनी एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन भी किया गया। साथ ही कक्षा के कक्षा प्रमुखों एवं सहायकों को प्रेरणास्पद साहित्य भेंट कर उन्हें अध्ययन और नेतृत्व के लिए प्रोत्साहित किया गया।
शिक्षक व विद्यार्थी रहे उपस्थित
कार्यक्रम में विद्यालय के सभी शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, देशभक्ति और इतिहास के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना रहा।







