सालीचौका में देव उठनी ग्यारस पर क्षेत्र की सबसे बड़ी मढ़ई का शुभारंभ, कांगो माता पूजन के साथ शुरू हुआ पारंपरिक मेला
हरदा, कटनी, नर्मदापुरम, रायसेन और जबलपुर से पहुंचे झूला संचालक — बच्चों में दिखा उत्साह

संवाददाता अवधेश चौकसे
सालीचौका (नरसिंहपुर)।
देव उठनी ग्यारस के पावन अवसर पर सालीचौका के हाईस्कूल खेल मैदान में क्षेत्र की सबसे बड़ी मढ़ई (पारंपरिक मेला) का शुभारंभ धूमधाम से हुआ।
मेला की शुरुआत कांगो माता पूजन के साथ की गई, जिसमें क्षेत्रभर से श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हुए।
पूजन के साथ गूंजे गाजे-बाजे और मृदंग की थाप
कांगो माता की पूजा के बाद ग्वालों की टोली, मोरपंख ढाल लिए हुए भक्तों ने गाजे-बाजे, मृदंग और नगाड़ों की धुन पर परंपरागत नृत्य प्रस्तुत किया।
मेला स्थल पर धार्मिकता और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला।
सज गई रंगीन दुकानों की कतारें — बच्चों के लिए झूले और रेलगाड़ी आकर्षण का केंद्र
मेला में हरदा, कटनी, नर्मदापुरम, रायसेन, जबलपुर और छिंदवाड़ा जैसे जिलों से व्यापारी पहुंचे हैं।
झूले, रेलगाड़ी, फिसलन पट्टी, खिलौनों और मिठाइयों की दुकानें बच्चों और परिवारों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
सांझ ढलते ही मैदान में रोशनी से जगमग मेला स्थल बेहद मनमोहक दृश्य प्रस्तुत कर रहा है।
स्थानीय परंपरा का प्रतीक है सालीचौका मढ़ई
स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार, सालीचौका की मढ़ई कई दशकों पुरानी परंपरा है, जो देव उठनी एकादशी के अवसर पर आयोजित की जाती है।
यह मेला न केवल धार्मिक भावना से जुड़ा है बल्कि क्षेत्र की संस्कृति, व्यापार और लोक मनोरंजन का भी केंद्र बन चुका है।







