नरसिंहपुर में 12वीं की छात्रा से परीक्षा केंद्र पर ब्लैकमेलिंग: फेल कराने की धमकी, देर शाम केस दर्ज
नरसिंहपुर में 12वीं की नाबालिग छात्रा से परीक्षा केंद्र पर ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया। आरोपी ने फेल कराने और मार्कशीट बदलवाने की धमकी दी। प्राचार्य की शिकायत के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की।

नरसिंहपुर। नरसिंहपुर जिले के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय की कक्षा 12वीं की एक नाबालिग छात्रा के साथ परीक्षा केंद्र पर मानसिक प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग का गंभीर मामला सामने आया है। आरोपी द्वारा छात्रा को परीक्षा में फेल कराने और मार्कशीट बदलवाने की धमकी दी जा रही थी। मामले में देर शाम पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
परीक्षा केंद्र पर लिया मोबाइल नंबर
पीड़ित छात्रा ने स्कूल प्राचार्य को दिए लिखित आवेदन में बताया कि उसकी 12वीं बोर्ड परीक्षा का केंद्र शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बनाया गया था। परीक्षा के दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने बहाने से बातचीत में उलझाकर उसका मोबाइल नंबर ले लिया।
इसके बाद आरोपी अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कॉल और मैसेज कर छात्रा को परेशान करने लगा।
फेल कराने की धमकी और लालच
छात्रा के अनुसार आरोपी मिलने का दबाव बना रहा था और मना करने पर परीक्षा में फेल कराने की धमकी दे रहा था। उसने अच्छे प्रतिशत से पास कराने का प्रलोभन भी दिया। आरोपी ने मैसेज कर कहा कि छात्रा ने हाजिरी पत्रक पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, जिससे वह फेल हो सकती है।
इतना ही नहीं, आरोपी ने मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल से साठगांठ कर मार्कशीट बदलवाने का दावा भी किया। लगातार मिल रही धमकियों से छात्रा मानसिक तनाव में है और आगामी परीक्षाओं की तैयारी प्रभावित हो रही है।
प्राचार्य ने कलेक्टर-एसपी को लिखा पत्र
उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य ने 20 फरवरी को कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर दो मोबाइल नंबर—8602798640 और 9109461864—की जानकारी दी, जिनसे छात्रा को धमकी भरे कॉल और मैसेज मिल रहे थे।
इनमें से एक नंबर बंद मिला, जबकि दूसरे नंबर पर बात करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम तारकनाथ पाल, निवासी होशंगाबाद बताया। शिकायत के संबंध में पूछने पर उसने कहा कि “बच्चे से गलती हो गई, आगे से ऐसा नहीं होगा, माफ कर दीजिए।”
पुलिस पर लापरवाही का आरोप
प्राचार्य ने आरोप लगाया है कि 18 फरवरी को ही कोतवाली थाना नरसिंहपुर में शिकायत पत्र भेजा गया था, लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया। इसी कारण कलेक्टर, एसपी और जिला पंचायत सीईओ को अलग से पत्र लिखना पड़ा।
देर शाम पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की तलाश की जा रही है।







