MP में भाजपा मंडल अध्यक्ष की दबंगई! शराब के नशे में युवती को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, मां पर भी बरसी लाठियां, CCTV से खुली हैवानियत

सतना (मध्य प्रदेश) | मध्य प्रदेश के सतना जिले से सत्ता के नशे में चूर भाजपा नेता की एक ऐसी शर्मनाक तस्वीर सामने आई है, जिसने कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागौद थाना क्षेत्र में भाजपा मंडल अध्यक्ष पुलकित टंडन पर एक युवती और उसकी बुजुर्ग मां के साथ बेरहमी से मारपीट, गाली-गलौज और बदसलूकी करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
घटना मंगलवार देर रात की बताई जा रही है। मामला सामने आते ही पूरे इलाके में आक्रोश और तनाव का माहौल बन गया है।
साजिशन गोदाम बुलाया, फिर नशे में की दरिंदगी
पीड़िता, जो नागौद में एक ब्यूटी पार्लर संचालित करती है, ने पुलिस को दिए बयान में सनसनीखेज खुलासे किए हैं। युवती के मुताबिक, भाजपा नेता के नौकर आरके नामदेव ने फोन कर पार्लर के किसी ‘कस्टमर’ से मिलवाने के बहाने उसे देर रात दुकान के गोदाम पर बुलाया।
जैसे ही वह गोदाम के भीतर पहुंची, वहां भाजपा मंडल अध्यक्ष पुलकित टंडन शराब के नशे में मौजूद था। युवती ने जब असहज महसूस कर वहां से निकलने की कोशिश की, तो आरोपी ने उसका हाथ पकड़ लिया।
एक के बाद एक 6 थप्पड़, जमीन पर पटककर पीटा
पीड़िता का आरोप है कि विरोध करने पर पुलकित टंडन ने उसे जमीन पर पटक दिया और एक के बाद एक कई थप्पड़ मारे, गंदी गालियां दीं और जान से मारने की धमकी तक दी। शोर सुनकर जब युवती की मां और भाई मौके पर पहुंचे, तो आरोपी ने उन्हें भी नहीं छोड़ा।
मां को भी नहीं बख्शा, मोबाइल छीनकर तोड़ा
जब भाई ने घटना का वीडियो बनाने की कोशिश की, तो आरोपी नेता ने उसका मोबाइल फोन छीनकर तोड़ दिया। इसके बाद युवती की बुजुर्ग मां के साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। मां-बेटी दोनों को गंभीर चोटें आईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
CCTV फुटेज वायरल, झूठ की गुंजाइश खत्म
बुधवार सुबह घटना का CCTV फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें भाजपा मंडल अध्यक्ष पुलकित टंडन मां-बेटी के साथ खुलेआम मारपीट और बदसलूकी करते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं। फुटेज सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है और पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।
एफआईआर दर्ज, लेकिन गिरफ्तारी से दूरी क्यों?
नागौद थाना प्रभारी अशोक पांडेय ने बताया कि पुलिस ने वीडियो को संज्ञान में लेते हुए आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं
296 (ए), 115(2), 351(3), 3(5) और 324(4) के तहत मामला दर्ज किया है।
हालांकि, एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होना पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े कर रहा है।
समझौते का दबाव, दहशत में पीड़ित परिवार
पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद से ही केस वापस लेने और समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा है। सत्ता पक्ष से जुड़े आरोपी के चलते पीड़ित परिवार दहशत में है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यही घटना किसी आम व्यक्ति ने की होती, तो अब तक गिरफ्तारी हो चुकी होती।
सवाल जो प्रशासन से जवाब मांगते हैं
- क्या सत्ता का नशा कानून से ऊपर हो गया है?
- क्या भाजपा नेता होने के कारण आरोपी को संरक्षण मिल रहा है?
- क्या महिला सुरक्षा के दावे सिर्फ कागजों तक सीमित हैं?
अब सबकी नजरें प्रशासन और पुलिस पर टिकी हैं—
क्या आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी होगी, या यह मामला भी दबाव और रसूख की भेंट चढ़ जाएगा?







