गाडरवारा पुलिस की मानवीय पहल, 7 वर्षीय नाबालिग बालक को सकुशल परिजनों से मिलवाया
गाडरवारा पुलिस ने डायल-112 की सूचना पर कार्रवाई करते हुए 7 वर्षीय नाबालिग बालक को सुरक्षित उसके परिजनों से मिलवाया। बालक को पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया, बाद में सोहागपुर निवासी परिजनों को सौंपा गया।

गाडरवारा। गाडरवारा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए 7 वर्षीय नाबालिग बालक को सुरक्षित उसके परिजनों से मिलवाने में सफलता प्राप्त की है। यह मामला दिनांक 21 जनवरी 2026 की रात का है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डायल-112 पर सूचना प्राप्त हुई कि इंद्रा कॉम्प्लेक्स, गाडरवारा में एक नाबालिग बालक अकेला सो रहा है। सूचना मिलते ही डायल-112 में ड्यूटीरत आरक्षक विश्वजीत ठाकुर एवं पायलट अंकित साहू मौके पर पहुंचे और आसपास के लोगों से बालक के परिजनों के संबंध में पूछताछ की, लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी।
तबीयत खराब होने पर अस्पताल में कराया भर्ती
नाबालिग बालक की तबीयत खराब होने के कारण पुलिस द्वारा उसे शासकीय अस्पताल गाडरवारा में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार कराया गया एवं भोजन की व्यवस्था की गई।
वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई जानकारी
मामले की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी गाडरवारा निरीक्षक विक्रम रजक ने संपूर्ण स्थिति से पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया एवं एसडीओपी गाडरवारा एल.एस. डागुर को अवगत कराया।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना गाडरवारा पुलिस द्वारा बालक से प्राप्त अपुष्ट जानकारी के आधार पर उसके परिजनों की तलाश शुरू की गई।
सोहागपुर से जुड़ा मिला मामला
जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि बालक के परिजन सोहागपुर निवासी हैं। थाना प्रभारी निरीक्षक विक्रम रजक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बालक के परिजनों से संपर्क किया।
पूछताछ में सामने आया कि बालक की नानी शकुन बाई 21 जनवरी को सोहागपुर से अपने मायके गाडरवारा आई थीं और नाबालिग बालक बिना बताए उनके पीछे-पीछे गाडरवारा आ गया था।
परिजनों को सौंपा गया बालक
पुलिस द्वारा बालक की नानी शकुन बाई की तलाश कर 7 वर्षीय नाबालिग बालक को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। परिजनों ने गाडरवारा पुलिस की तत्परता और मानवीय दृष्टिकोण की सराहना की।







