मध्य प्रदेशशिक्षा/नौकरी

नरसिंहपुर में अतिथि शिक्षकों का सांकेतिक अनशन, धरना-प्रदर्शन कर कलेक्ट्रेट में सौंपा ज्ञापन

नरसिंहपुर में अतिथि शिक्षकों ने सांकेतिक अनशन और धरना-प्रदर्शन कर कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा। भविष्य सुरक्षित करने की मांग को लेकर सरकार पर अनदेखी के आरोप लगाए गए।

संवाददाता अवधेश चौकसे

नरसिंहपुर।
जिले के शासकीय स्कूलों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों ने अपने भविष्य को सुरक्षित करने की मांग को लेकर रविवार को सांकेतिक अनशन और धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन आजाद अतिथि शिक्षक संघ के निर्देश एवं समन्वय समिति संघ के समर्थन में, जिला अध्यक्ष एवं प्रांतीय कर्ता एस.के. सोनी के नेतृत्व में आयोजित किया गया।

जनपद मैदान में किया प्रदर्शन

प्रांतव्यापी आह्वान के तहत अतिथि शिक्षकों ने स्थानीय जनपद मैदान में एकत्र होकर सांकेतिक अनशन धरना दिया और सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित किया। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि 18–19 वर्षों से अतिथि शिक्षक सेवा दे रहे हैं, लेकिन आज तक उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कोई ठोस नीति नहीं बनाई गई।

सरकार पर लगाए अनदेखी के आरोप

वक्ताओं ने वर्तमान डॉ. मोहन यादव सरकार पर अतिथि शिक्षकों की अनदेखी और अनसुनी के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 के चुनावों में भी अतिथि शिक्षकों की मांगों को नजरअंदाज किया गया, जिससे भाजपा को नुकसान उठाना पड़ा था।
इसके बाद कांग्रेस सरकार ने भी वादे किए, लेकिन ऑपरेशन लोटस के चलते वे पूरे नहीं हो सके। वहीं 2 सितंबर 2023 को आयोजित अतिथि शिक्षक महापंचायत में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा किए गए सभी वादे भी अब तक पूरे नहीं किए गए हैं।

नीति बनाकर सुरक्षित किया जा सकता है भविष्य

अतिथि शिक्षकों ने कहा कि अन्य राज्यों की तर्ज पर, सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों एवं मध्यप्रदेश शासन के अन्य विभागों, विशेषकर उच्च शिक्षा विभाग में की जा रही कार्रवाइयों के आधार पर अतिथि शिक्षकों के उज्ज्वल भविष्य के लिए नीति बनाई जा सकती है।

चेतावनी: अनदेखी हुई तो बदलेगा वोट

अतिथि शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि उनके भविष्य की अनदेखी जारी रही, तो आगामी चुनावों में कोर वोट बड़ी संख्या में पलटेंगे, जिससे सत्ताधारी दल को नुकसान उठाना पड़ेगा।

रैली निकालकर सौंपा ज्ञापन

सांकेतिक अनशन और धरना-प्रदर्शन के बाद अतिथि शिक्षक रैली के रूप में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। यहां राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। कलेक्टर के निर्देश पर रविवार को नायब तहसीलदार महेश कुमार वट्टी ने ज्ञापन प्राप्त किया।

सात बिंदुओं की मांग, भोपाल कूच की चेतावनी

प्रांत स्तर के ज्ञापन में सात बिंदुओं की प्रमुख मांगें रखी गईं। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो अतिथि शिक्षक राजधानी भोपाल में एकजुट होकर आंदोलन करेंगे।

बड़ी संख्या में शिक्षक रहे मौजूद

इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष वृजेंद्र नेमा, दीपक कुर्मी, विपिन लांघिया, घनश्याम चौधरी, युवराज पटेल, टीकाराम साहू, प्रदीप कुमार मदारे, विजय नेमा, राजकुमार लोधी, मुकेश कुमार दुबे, जितेंद्र रजकार, सचिन शर्मा, सुनील विश्वकर्मा, संतराम लोधी, चंदन खेड़ा, नीरज जैन, कृष्ण कुमार पटेल, महेंद्र चौधरी सहित बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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