गाडरवारा नगर की शालेय पत्रिका ‘धरोहर’ का भव्य विमोचन समारोह संपन्न
लोक संस्कृति पर केंद्रित रचनाओं ने विद्यार्थियों को अपनी जड़ों से जोड़ा

Gadarwara News: गाडरवारा नगर में शैक्षणिक और साहित्यिक गतिविधियों को नई दिशा देने वाली शालेय वार्षिक पत्रिका ‘धरोहर’ का विमोचन समारोह विगत दिवस शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बीटीआई, गाडरवारा में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नगर के सभी हायर सेकेंडरी विद्यालयों के विद्यार्थियों की सहभागिता रही।
वरिष्ठ साहित्यकारों और शिक्षा अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
पत्रिका का विमोचन प्रदेश के वरिष्ठ साहित्यकार कुशलेंद्र श्रीवास्तव, जिला शिक्षा अधिकारी प्रतुल इंदुरख्या, संयुक्त संचालक सुश्री सीमा डोंगरे, बीआरसी संदीप स्थापक तथा नगर के चारों शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के प्राचार्यों—
एस. के. मिश्रा, सुशील शर्मा, श्रीमती सुनीता पटेल एवं श्रीमती लेखा कौरव—के करकमलों से तालियों की गड़गड़ाहट के बीच किया गया।
‘प्रवाहिनी’ से ‘धरोहर’ तक का सफर
पूर्व वर्षों में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गाडरवारा से डॉ. मंजुला शर्मा के संपादन में प्रकाशित होने वाली पत्रिका ‘प्रवाहिनी’ को इस वर्ष और विस्तार देते हुए नगर के सभी विद्यालयों के विद्यार्थियों को शामिल कर ‘धरोहर’ नाम से प्रकाशित किया गया।
लोक संस्कृति बना पत्रिका का मुख्य विषय
इस वर्ष पत्रिका का केंद्रीय विषय “लोक संस्कृति और उसकी सार्थकता” रखा गया। सभी विद्यालयों के शिक्षकों की संयुक्त संपादकीय टीम के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने लोक परंपराओं, रीति-रिवाजों और उनके सामाजिक महत्व पर सुंदर एवं सारगर्भित रचनाएं प्रस्तुत कीं।
इस रचनात्मक प्रयास के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने बड़े-बुजुर्गों से संवाद कर भारतीय संस्कृति को समझने और उससे जुड़ने का अवसर मिला।
शिक्षा अधिकारियों ने की पहल की सराहना
जिला शिक्षा अधिकारी प्रतुल इंदुरख्या ने इस अभिनव प्रयास की सराहना करते हुए इसे जिले के अन्य विद्यालयों में भी लागू करने का सुझाव दिया।
संयुक्त संचालक सुश्री सीमा डोंगरे ने बच्चों को पुस्तकों और लेखन से जोड़ने के इस प्रयास को अत्यंत सराहनीय बताया।
बीआरसी संदीप स्थापक ने भी पत्रिका और पूरी टीम की भूरी-भूरी प्रशंसा की।

लेखन से व्यक्तित्व निर्माण होता है: कुशलेंद्र श्रीवास्तव
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में वरिष्ठ साहित्यकार कुशलेंद्र श्रीवास्तव ने लेखन के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि लेखन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास का सशक्त माध्यम है। उन्होंने ‘धरोहर’ से जुड़े सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए बधाई दी।
विद्यार्थियों और संपादकीय टीम का सम्मान
विमोचन के पश्चात संपादकीय टीम की सदस्य— श्रीमती निर्मला पाराशर, श्रीमती अर्चना दुबे, श्रीमती अर्चना नामदेव, श्रीमती भारती आरसे, मलखान मेहरा, योगेंद्र झारिया एवं कंछेदी धानक
सहित पत्रिका में रचनाएं प्रकाशित करने वाले सभी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं पत्रिका की एक प्रति उपहार स्वरूप प्रदान की गई।
आभार और संचालन
कार्यक्रम का आभार प्राचार्य श्रीमती सुनीता पटेल ने व्यक्त किया, जबकि कार्यक्रम का सफल संचालन योगेंद्र झारिया ने किया।








