शांति नगर स्थित कृष्ण कुटी में अभिनेता-साहित्यकार आशुतोष राणा का भव्य एवं आत्मीय स्वागत
गाडरवारा प्रवास के दौरान संस्कृति, साहित्य और सामाजिक सरोकारों पर हुई सार्थक चर्चा

गाडरवारा।
शांति नगर स्थित कृष्ण कुटी उस समय सांस्कृतिक ऊर्जा और आत्मीयता का केंद्र बन गई, जब देश के प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता, प्रखर वक्ता और साहित्यकार आशुतोष राणा का उनके मित्रों एवं शक्कर के दाने परिवार द्वारा गरिमामय स्वागत किया गया। यह अवसर केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि कला, साहित्य, संस्कार और समाजसेवा के मूल्यों का सुंदर संगम बनकर सामने आया।
श्रीराम की मूर्ति भेंट कर किया गया भावपूर्ण सम्मान
कार्यक्रम के दौरान पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनिता रविशेखर जायसवाल ने अभिनेता आशुतोष राणा को भगवान श्रीरामचंद्र जी की पीतल निर्मित मूर्ति भेंट कर उनका सम्मान किया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह ने तालियों के साथ इस सम्मान को अभिनंदन किया।
आशुतोष राणा ने श्रीराम को भारतीय जीवन दर्शन का आधार बताते हुए कहा कि “मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम केवल एक चरित्र नहीं, बल्कि जीवन जीने की संपूर्ण विधा हैं। आज के समय में उनके आदर्श पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं।”

राजनीति, समाज और संस्कृति के प्रतिनिधियों की रही उल्लेखनीय मौजूदगी
इस गरिमामय अवसर पर नगर और अंचल के अनेक जनप्रतिनिधि, राजनीतिक दलों के नेता, समाजसेवी एवं प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।
मुख्य रूप से नगर पालिका अध्यक्ष पंडित शिवाकांत मिश्रा, पूर्व विधायक साधना स्थापक, भाजपा नेता मिनेन्द्र डागा, चंद्रकांत शर्मा, कांग्रेस नेता देवेंद्र पटेल गुड्डू, अभिनव ढिमोले, दिनेश मालपानी, कीर्ति राज लूनावत, नवनीत पलोड़, जिनेश जैन, महेश मालपानी, राजेश नीरस, अनुपम ढिमोले, अब्दुल फिरोज खान, अजय सोनी, मुश्तान खान, तरुण सेन, अजय शुक्ला, विनायक द्विवेदी सहित अनेक गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।
दृष्टिबाधित बच्चों के लिए गाडरवारा को मिल सकती है बड़ी सौगात
कार्यक्रम के दौरान एक अत्यंत प्रेरणादायक पहल की जानकारी भी सामने आई। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में संचालित दृष्टिबाधित विशेष विद्यालय के संचालक एवं उनकी टीम ने आशुतोष राणा से भेंट कर अपने शैक्षणिक और सामाजिक कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।
टीम ने बताया कि गाडरवारा नगर में भी दृष्टिबाधित बच्चों के लिए विशेष विद्यालय की शाखा खोलने की योजना पर कार्य किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के दिव्यांग बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आत्मनिर्भरता का अवसर मिल सके। इस पहल पर आशुतोष राणा ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए इसे समाज के लिए अत्यंत आवश्यक और सराहनीय कदम बताया।
गाडरवारा प्रवास में अपनापन, सादगी और संवाद
अपने गाडरवारा प्रवास के दौरान आशुतोष राणा ने अपने शुभचिंतकों के निवास एवं प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने आम नागरिकों से खुलकर संवाद किया और उनके अनुभवों को सुना।
उनकी सादगी, सहजता और बौद्धिक गहराई ने उपस्थित लोगों को प्रभावित किया। नगरवासियों ने अभिनेता के साथ-साथ साहित्यकार और संवेदनशील समाजचिंतक के रूप में भी उनकी सराहना की।
कला, साहित्य और समाज के प्रति समर्पण की झलक
कार्यक्रम के दौरान यह स्पष्ट रूप से देखने को मिला कि आशुतोष राणा केवल अभिनय तक सीमित व्यक्तित्व नहीं हैं, बल्कि वे संस्कृति, साहित्य, भाषा और सामाजिक चेतना के सशक्त संवाहक भी हैं। उनके विचारों ने युवाओं और प्रबुद्ध वर्ग को गहराई से प्रभावित किया।







