Gold Price: क्या अब सोना और महंगा होगा या गिरेगा भाव ? रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
ICICI रिपोर्ट के अनुसार भारत में सोना 2025 के अंत तक ₹1.35 लाख और 2026 में ₹1.45 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। ₹1.50 लाख का स्तर भी संभव।

Gold Price News 2025: सोने में निवेश करने वालों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। ICICI Bank Global Markets की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2025 के शेष महीनों में गोल्ड प्राइस में तेजी बनी रहने की संभावना है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल के अंत तक सोने की कीमतें ₹1.20 लाख से ₹1.35 लाख प्रति 10 ग्राम के बीच रह सकती हैं, जबकि 2026 की पहली छमाही में ₹1.45 लाख तक पहुंच सकती हैं।
डॉलर-रुपया रेट भी करेगा असर
रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि डॉलर-रुपया एक्सचेंज रेट 87 से 89 के दायरे में रह सकता है।
रुपये की कमजोरी और ग्लोबल गोल्ड प्राइस में तेजी के कारण डोमेस्टिक मार्केट में सोना और महंगा हो सकता है।
वर्तमान में एमसीएक्स पर सोना करीब ₹1.31 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है।
अगर रुपया और गिरा तो बढ़ेगा सोने का भाव
रिपोर्ट का कहना है कि यदि रुपया अपेक्षा से ज्यादा कमजोर होता है या ग्लोबल गोल्ड रेट्स में और उछाल आता है, तो सोने की कीमतें ₹1.45 लाख से भी ऊपर जा सकती हैं।
GJC की रिपोर्ट — ₹1.50 लाख तक जा सकते हैं भाव
ऑल इंडिया जेम एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल (GJC) के फाउंडर मेंबर और पूर्व चेयरमैन अनंथा पद्मनाभन ने भी कहा है कि
“केंद्रीय बैंकों की भारी गोल्ड खरीद और चीन-जापान में बढ़ती मांग के चलते जल्द ही ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम का रिकॉर्ड स्तर देखने को मिल सकता है।”
एक महीने में 16% की बढ़ोतरी
पिछले एक महीने में भारत में सोने की कीमतों में करीब 16% की वृद्धि दर्ज की गई है।
ग्लोबल प्राइस में तेजी और रुपये की गिरावट इसका मुख्य कारण बताया गया है।
सितंबर में भारत का गोल्ड इम्पोर्ट 9.6 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जबकि अगस्त में यह 5.44 अरब डॉलर था — जो घरेलू बाजार में मजबूत मांग को दर्शाता है।
मुख्य बिंदु (Highlights):
- 2025 के अंत तक गोल्ड प्राइस ₹1.35 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंचने की संभावना।
- 2026 की पहली छमाही में ₹1.45 लाख या उससे अधिक का स्तर संभव।
- रुपये की कमजोरी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी इसका प्रमुख कारण।
- GJC ने ₹1.50 लाख तक जाने की संभावना जताई।
- एक महीने में 16% की कीमत वृद्धि और बढ़ता आयात।







