गाडरवारा सब्जी मंडी विवाद: अंदर बैठे दुकानदारों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, सड़क किनारे दुकानों पर प्रशासन सख्त
Gadarwara News: सब्जी मंडी के दुकानदारों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, सड़क किनारे लगने वाली दुकानों पर नगर पालिका और पुलिस सख्त, ट्रैफिक जाम बना मुद्दा।

गाडरवारा (नरसिंहपुर)।
गाडरवारा शहर की सब्जी मंडी में अंदर दुकान लगाने वाले दुकानदारों ने अपनी लंबे समय से चली आ रही मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। दुकानदारों का आरोप है कि नगर के व्यस्तम मार्गों पर सड़क किनारे लगने वाली सब्जी और फल दुकानों के कारण न केवल ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है, बल्कि मंडी के अंदर बैठे दुकानदारों की रोजी-रोटी भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
सड़क किनारे दुकानें, मंडी के व्यापार पर असर
सब्जी मंडी के दुकानदारों का कहना है कि झंडा चौक से लेकर पुराना बस स्टैंड, राठी तिगड़ा, शांति दूत चौराहा और काबरा पेट्रोल पंप तक सड़क के दोनों ओर अवैध रूप से सब्जी और फल की दुकानें लगाई जा रही हैं।
ग्राहक मंडी के अंदर जाने की बजाय सड़क किनारे खड़े होकर ही सब्जी-फल खरीद लेते हैं, जिससे मंडी के भीतर बैठे दुकानदारों का व्यापार लगातार घट रहा है।
बार-बार ज्ञापन के बाद भी नहीं हुई थी कार्रवाई
दुकानदारों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार नगर पालिका को ज्ञापन सौंपे, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने के कारण उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। उनका कहना है कि जब तक सड़क किनारे लगने वाली दुकानों पर स्थायी रोक नहीं लगेगी, तब तक समस्या का समाधान संभव नहीं है।
नगर पालिका और पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा
हड़ताल की सूचना मिलते ही नगर पालिका सीएमओ वैभव देशमुख अपनी पूरी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
उनके साथ नगर निरीक्षक विक्रम रजक सहित पुलिस प्रशासन भी मौजूद रहा। प्रशासन ने सड़क किनारे दुकान लगाने वाले दुकानदारों को कड़ी हिदायत देते हुए स्पष्ट कहा कि सभी सब्जी और फल की दुकानें सब्जी मंडी परिसर के अंदर ही लगेंगी।
नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
प्रशासन ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में कोई भी दुकानदार सड़क पर दुकान लगाता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि मंडी के अंदर बैठे दुकानदारों का कहना है कि पहले भी ऐसी कार्रवाई होती रही है, लेकिन एक-दो दिन बाद हालात फिर जस के तस हो जाते हैं।
अब प्रशासन की सख्ती की होगी असली परीक्षा
अब देखना यह होगा कि नगर पालिका और पुलिस प्रशासन की यह कार्रवाई कितने दिनों तक प्रभावी रहती है और सड़क किनारे दुकान लगाने वाले दुकानदार प्रशासन के निर्देशों का कितना पालन करते हैं।
मंडी के दुकानदारों की मांग है कि दुकानों को स्थायी रूप से मंडी के अंदर ही संचालित कराया जाए, ताकि ट्रैफिक व्यवस्था सुधरे और उनका व्यापार भी सुरक्षित रह सके।







