Gadarwara News: आदिवासी मजदूरों के दस्तावेज़ हड़पकर फर्जी लोन निकालने का बड़ा मामला, जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

गाडरवारा/नरसिंहपुर। जिले के चीचली विकासखंड से एक चौंकाने वाला धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें गरीब एवं अनपढ़ आदिवासी मजदूरों के नाम पर फर्जी लोन निकालकर उनकी राशि हड़प ली गई। मामला सामने आने के बाद जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक श्रीमती सुनीता पटेल ने कलेक्टर नरसिंहपुर को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
कैसे हुई धोखाधड़ी?
ग्राम धारकामती और खारी के कई आदिवासी मजदूरों ने शिकायत की है कि चरनलाल साहू (निवासी बैरागढ़) और प्रेमलाल रजक (बैरागढ़, चीचली) ने उनकी अनपढ़ता का फायदा उठाते हुए उनके—
- कृषि कागजात
- आधार कार्ड
- पहचान पत्र
जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ अपने कब्जे में ले लिए।
इसके बाद दोनों आरोपियों ने सेंट्रल बैंक, सूखाखेरी शाखा से मजदूरों के नाम पर लोन पास कराकर उसकी पूरी राशि हड़प ली।
जब बैंक की ओर से नोटिस मिला, तभी पीड़ित मजदूरों को पता चला कि उनके नाम पर भारी-भरकम लोन निकाल लिया गया है।

जिला कांग्रेस ने की सख्त कार्रवाई की मांग
जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनीता पटेल ने कलेक्टर को दिए ज्ञापन में कहा कि आदिवासी गरीब मजदूर पहले से आर्थिक संकट में रहते हैं, ऐसे में इस तरह की धोखाधड़ी उनके जीवन को और कठिन बना देती है।
उन्होंने कलेक्टर एवं पुलिस प्रशासन से मांग की—
- आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए
- धोखाधड़ी से निकाले गए लोन का बोझ पीड़ित मजदूरों पर न डाला जाए
- बैंक की भूमिका की भी जांच की जाए
- पीड़ितों को उचित कानूनी सहायता और राहत उपलब्ध कराई जाए
प्रकरण की प्रति पुलिस अधीक्षक नरसिंहपुर को भी भेजी गई है।
आदिवासी मजदूरों का दर्द: “बिना बताए हमारे कागज ले लिए!”
पीड़ित मजदूरों ने बताया कि आरोपियों ने यह कहकर उनके दस्तावेज़ लिए कि सरकारी योजना का लाभ दिलाया जा रहा है। लेकिन बाद में इनका उपयोग बैंक से लोन निकालने में किया गया।
जिले में बढ़ते आर्थिक अपराधों पर सवाल
यह मामला जिले में बढ़ते वित्तीय और दस्तावेज़-आधारित अपराधों की ओर इशारा करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में जागरूकता की कमी के कारण ऐसी घटनाएँ बढ़ रही हैं।







