गाडरवारा नगर पालिका प्रशासन ध्यान दे: ठंड में खुले आसमान तले सोने को मजबूर बेसहारा, आदेश के बावजूद नहीं पहुंच रहे रैन बसेरा

गाडरवारा (नरसिंहपुर)। सरकार की मंशा के अनुरूप जरूरतमंदों को आश्रय स्थल तक पहुंचाने के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद नगर में आज भी कई बेसहारा, वृद्ध, मजदूर और गरीब वर्ग के लोग कड़ाके की ठंड में खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं। यह स्थिति तब है जब पूर्व में नगर पालिका परिषद गाडरवारा द्वारा रैन बसेरा संचालन को लेकर विधिवत आदेश जारी किए गए थे।
2 दिसंबर 2025 को जारी हुआ था आदेश
कार्यालय नगरपालिका परिषद, गाडरवारा (जिला नरसिंहपुर) द्वारा दिनांक 02/12/2025 को जारी आदेश क्रमांक 23 सीएमओ/न.पा.प./गाडरवारा/2025 में स्पष्ट किया गया था कि बढ़ते ठंड के प्रकोप को देखते हुए शास्त्री वार्ड में रैन बसेरा संचालित किया जा रहा है।
आदेश में विभिन्न कर्मचारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं, जिनमें शामिल हैं:
- रैन बसेरा के शौचालयों की साफ-सफाई हेतु कर्मचारी नियुक्त करना
- कंबल, गद्दे, गर्म पानी, प्रकाश एवं शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करना
- सार्वजनिक स्थानों पर अलाव के लिए लकड़ी की व्यवस्था करना
- शाम 7 बजे से सुबह 7 बजे तक रैन बसेरा में उपस्थिति व निगरानी
- वार्ड प्रभारियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में घूमकर बेसहारा लोगों को रैन बसेरा तक पहुंचाना
इन निर्देशों की प्रति अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), गाडरवारा को भी सूचनार्थ भेजी गई थी।

जमीनी हकीकत अलग क्यों?
नगर में मुख्य मार्गों, बस स्टैंड, रेलवे क्षेत्र और बाजार इलाकों में अब भी कई जरूरतमंद लोग बिना पर्याप्त गर्म कपड़ों के खुले में सोते दिखाई दे रहे हैं। सवाल यह उठता है कि जब आदेश स्पष्ट हैं और जिम्मेदारियां तय हैं, तो फिर रैन बसेरा तक जरूरतमंदों को क्यों नहीं पहुंचाया जा रहा?
क्या वार्ड प्रभारी नियमित रूप से भ्रमण कर रहे हैं?
क्या रैन बसेरा में पर्याप्त व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं?
क्या निगरानी तंत्र सक्रिय है?
प्रशासन से अपेक्षा
नगरवासियों की मांग है कि गाडरवारा नगर पालिका प्रशासन जमीनी स्तर पर स्थिति की समीक्षा करे और सुनिश्चित करे कि कोई भी जरूरतमंद ठंड में खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर न रहे।
सरकार की योजनाएं तभी सार्थक होंगी जब उनका प्रभाव वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे।








