धर्ममध्य प्रदेश

गाडरवारा में प्रथम बार इस्कॉन के वसुश्रेष्ठ दास प्रभुजी द्वारा संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा — षष्ठम दिवस की अलौकिक कृष्ण लीलाओं से गूंजा शांतिनगर

गाडरवारा। नगर में पहली बार इस्कॉन उज्जैन के संन्यासी एवं इस्कॉन बदनावर के अध्यक्ष भागवताचार्य श्री वसुश्रेष्ठ दास प्रभुजी के श्रीमुख से संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन हो रहा है। यह पावन कथा 21 नवंबर से 27 नवंबर तक शांतिनगर कॉलोनी स्थित श्री ठाकुर सुरेंद्र सिंह जी के निज निवास पर प्रतिदिन दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक चल रही है।
कथा में नगर के भक्तों सहित दूर-दराज़ के श्रद्धालु भी सहभागी बन रहे हैं। भक्तिमय संगीत, मधुर कीर्तन और दिव्य वातावारण से पूरा शांतिनगर कृष्णमय दिखाई दे रहा है।

षष्ठम दिवस—श्रीकृष्ण की मनोहर बाल लीलाओं का रसपान

कथा के छठवें दिन श्री वसुश्रेष्ठ दास प्रभुजी ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं एवं असुर-वध प्रसंगों का अत्यंत भावपूर्ण और जीवन्त वर्णन किया। भक्तों ने अद्भुत उत्साह और भक्ति भाव के साथ इन कथाओं का रसास्वादन किया।

षष्ठम दिवस में वर्णित प्रमुख प्रसंग—

पूतना उद्धार

प्रभुजी ने बताया कि किस प्रकार भगवान श्रीकृष्ण ने राक्षसी पूतना का उद्धार कर उसे मातृवत् स्थान प्रदान किया। यह प्रसंग उपस्थित भक्तों को दया, करुणा और भगवान की असीम अनुकंपा का संदेश देता रहा।

बकासुर एवं बाणासुर वध

श्रीकृष्ण द्वारा अपने बालरूप में ही दैत्यों का संघार कर ब्रजवासियों की रक्षा करने की लीला ने वातावरण में रोमांच भर दिया।

दामोदर लीला

यशोदा मैया द्वारा श्रीकृष्ण को ऊखल से बाँधने का यह प्रसंग प्रेम और भक्ति का सर्वोच्च रूप दर्शाता है। इस प्रसंग के दौरान पूरा कथा पंडाल “दामोदराष्टक” के गायन से गुंजायमान हो उठा।

माखन चोरी लीला

श्रीकृष्ण की मधुर बाल छवियों और उनकी मनमोहक माखन-चोरी लीलाओं ने श्रोताओं के मुख पर मुस्कान और हृदय में आनंद भर दिया।

तृणावत वध एवं अघासुर वध

प्रभुजी ने बताया कि बाल स्वरूप में भी श्रीकृष्ण ने किस प्रकार विशालकाय राक्षसों का वध कर गोप-ग्वालबालों की सुरक्षा की।

गौचारण और गोवर्धन लीला

श्रीकृष्ण द्वारा गौ-सेवा, गोचारण एवं इंद्र के अभिमान को चूर करने वाली गोवर्धन लीला का विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया। इस प्रसंग पर भक्तों ने बड़े उत्साह से “गोवर्धनधारी की जय” के जयकारे लगाए।

पूरी कथा के दौरान वातावरण मंत्रमुग्धकारी संगीत, हरिनाम संकीर्तन और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा।

विशिष्ट अतिथियों का आगमन

आज कथा में पूर्व विधायक एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सुनीता पटेल,
तथा श्री सुरेंद्र सिंह पटेल (मझले भैया) पधारे।
दोनों अतिथियों ने कथा श्रवण कर आयोजक परिवार को बधाई देते हुए कहा कि—

“गाडरवारा जैसे छोटे शहर में इस्कॉन द्वारा संचालित इतनी भव्य भागवत कथा का आयोजन भक्तिमय माहौल को और सुदृढ़ करता है।”

आज कथा का अंतिम दिन—पूर्णाहुति एवं भंडारा

कथा का समापन 27 नवंबर को पूर्णाहुति के साथ होगा। इसके बाद सभी भक्तों एवं नगरवासियों के लिए भव्य भंडारे का आयोजन रखा गया है।
आयोजक श्री सुरेंद्र सिंह एवं समस्त परिवार, शांतिनगर ने सभी श्रद्धालुओं से सपरिवार उपस्थित होने का विनम्र अनुरोध किया है।

 

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!