शंकराचार्य के अपमान के विरोध में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, गाडरवारा में योगी आदित्यनाथ का पुतला दहन
“शंकराचार्य का अपमान बर्दाश्त नहीं, माफी नहीं तो होगा बड़ा आंदोलन” – सतीश सैनी

गाडरवारा (नरसिंहपुर)।
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित माघ मेले के दौरान मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर परम सम्माननीय शंकराचार्य जी के कथित अपमान के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी नरसिंहपुर के अध्यक्ष श्रीमती सुनीता पटेल के नेतृत्व में बुधवार शाम पुरानी गल्ला मंडी, गाडरवारा में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया।
इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुतला दहन कर कांग्रेसजनों ने अपना आक्रोश प्रकट किया।
तीनों ब्लॉकों की संयुक्त कार्रवाई
इस विरोध प्रदर्शन में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी गाडरवारा, चीचली एवं साईंखेड़ा के कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से भाग लिया। कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेस नेता, जिला, ब्लॉक, मंडल, सेक्टर, सेवादल, युवक कांग्रेस, महिला कांग्रेस, आईटी सेल, NSUI, अनुसूचित जनजाति एवं अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ सहित बूथ स्तर तक के कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
सतीश सैनी का तीखा हमला
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सतीश सैनी ने अपने संबोधन में कहा—
“प्रयागराज के माघ मेले में योगी सरकार द्वारा परम पूज्य शंकराचार्य जी का जो अपमान किया गया है, वह पूरे सनातन समाज का अपमान है। कांग्रेस इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। यदि योगी सरकार ने शंकराचार्य जी से सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी, तो यह आंदोलन और अधिक व्यापक व उग्र रूप लेगा।”
सतीश सैनी का वक्तव्य कार्यक्रम का केंद्र बिंदु रहा, जिस पर मौजूद कांग्रेसजनों ने जोरदार समर्थन व्यक्त किया।
अन्य नेताओं ने भी रखे विचार
इस अवसर पर पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जिनेश जैन ने कहा कि सनातन परंपराओं और धार्मिक गुरुओं के सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
वहीं राजीव दुबे ने भी योगी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि धर्म और आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को जनता करारा जवाब देगी।
धार्मिक आस्था के सम्मान की मांग
कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में कहा कि शंकराचार्य जैसे महान धर्मगुरुओं का सम्मान पूरे देश की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा है। किसी भी सरकार को धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का अधिकार नहीं है।
बड़े आंदोलन की चेतावनी
कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस कमेटी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि शंकराचार्य जी से माफी नहीं मांगी गई, तो प्रदेश स्तर पर व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा।



धार्मिक आस्था के सम्मान की मांग




