मासूम बेटे के सामने पिता की साइलेंट हार्ट अटैक से मौत, सीसीटीवी में कैद हुआ दर्दनाक मंजर
मध्य प्रदेश के बड़वानी बस स्टैंड पर आलीराजपुर निवासी 35 वर्षीय युवक की साइलेंट हार्ट अटैक से मौत। बेटे के सामने गिरी जान, पूरी घटना CCTV में कैद। पढ़ें पूरी खबर।

बड़वानी। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के बस स्टैंड पर एक बेहद मार्मिक घटना सामने आई है। यहां अपने मासूम बेटे के साथ बस बदलने का इंतजार कर रहे 35 वर्षीय युवक की अचानक तबीयत बिगड़ी और कुछ ही पलों में उसकी मौत हो गई। पूरी घटना बस स्टैंड पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
बस बदलने के दौरान बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान राकेश डावर (35 वर्ष) निवासी अलीराजपुर के रूप में हुई है। वह अपने 5-6 वर्षीय बेटे के साथ सेंधवा से आलीराजपुर जा रहा था।
बस बदलने के लिए वह बड़वानी बस स्टैंड पर एक खंभे से टिककर बैठा था। इसी दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी और वह जमीन पर गिर पड़ा।
पहले लोगों को लगा चक्कर आया होगा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुरुआत में लोगों को लगा कि युवक को चक्कर आया है। लेकिन जब काफी देर तक कोई हरकत नहीं हुई तो यात्रियों में हड़कंप मच गया।
सबसे दर्दनाक दृश्य यह रहा कि मासूम बेटा अपने पिता को उठाने और जगाने की कोशिश करता रहा, लेकिन पिता नहीं उठे।
सीपीआर के बाद भी नहीं बच सकी जान
घटना की सूचना मिलते ही सामाजिक कार्यकर्ता अजित जैन मौके पर पहुंचे। पुलिस भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। मौजूद जवानों ने तुरंत सीपीआर देकर युवक की जान बचाने का प्रयास किया।
इसके बाद उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
डॉक्टरों ने बताया – साइलेंट हार्ट अटैक
जिला अस्पताल के डॉक्टर दिग्विजय सिंह नरगावे के अनुसार, प्रारंभिक जांच में युवक की मौत साइलेंट हार्ट अटैक से होना प्रतीत हो रही है। हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि हो सकेगी।
शर्ट पर लिखे नाम से हुई पहचान
पुलिस के अनुसार, युवक की पहचान उसकी शर्ट पर लिखे “टाइगर ग्रुप सेंधवा” और हाथ पर गुदे “राकेश” नाम के आधार पर की गई।
सेंधवा मानव सेवा समिति के माध्यम से परिजनों को सूचना दे दी गई है। मृतक के रिश्तेदार सेंधवा में रहते हैं और उन्हें बड़वानी बुलाया गया है।
साइलेंट हार्ट अटैक क्या होता है?
विशेषज्ञों के अनुसार साइलेंट हार्ट अटैक में कई बार सीने में तेज दर्द नहीं होता, बल्कि कमजोरी, पसीना, घबराहट या अचानक गिर जाना जैसे लक्षण दिखते हैं। समय पर उपचार न मिलने पर यह जानलेवा साबित हो सकता है।







