पिता पर बेटी से दुष्कर्म का आरोप, थाने के लॉकअप में फांसी लगाने की कोशिश से हड़कंप
बैतूल जिले के मुलताई थाना क्षेत्र में नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के आरोपी पिता ने पुलिस लॉकअप में फांसी लगाने की कोशिश की। POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज, जांच के आदेश।

संवाददाता शैलेंद्र गुप्ता
बैतूल। बैतूल जिले के मुलताई थाना क्षेत्र में सोमवार को एक सनसनीखेज मामला सामने आया। अपनी ही 10 वर्षीय बेटी से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार एक व्यक्ति ने पुलिस लॉकअप में फांसी लगाने की कोशिश कर दी। इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार आरोपी लंबे समय से अपनी नाबालिग बेटी के साथ गलत हरकतें कर रहा था। घटना का खुलासा तब हुआ जब बच्ची की मां को शक हुआ। घटना वाले दिन आरोपी पुराने मकान में बेटी के साथ था। अंदर से आ रही आवाजों के बाद मां ने दरवाजा खोलने को कहा, लेकिन गेट नहीं खोला गया।
मां ने तुरंत डायल-112 पर कॉल किया। पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। उसके खिलाफ POCSO ACT और दुष्कर्म की धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
लॉकअप में कैसे की आत्महत्या की कोशिश?
थाने लाए जाने के बाद आरोपी को लॉकअप में रखा गया था। बताया जा रहा है कि उसे दी गई चादर को फाड़कर उसने फंदा बनाया और गेट से लटक गया। कुछ समय बाद पुलिसकर्मियों की नजर उस पर पड़ी, जिसके बाद तत्काल उसे नीचे उतारकर मुलताई अस्पताल ले जाया गया।
प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। फिलहाल आरोपी ICU में भर्ती है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
पुलिस व्यवस्था पर उठे सवाल
पुलिस हिरासत में आत्महत्या की कोशिश ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आमतौर पर ऐसे संवेदनशील मामलों में आरोपियों पर विशेष निगरानी रखी जाती है। वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
यदि जांच में लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई संभव है।
बच्ची की काउंसलिंग और कानूनी प्रक्रिया
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में पीड़ित बच्ची को मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग और कानूनी सहायता की आवश्यकता होती है, ताकि वह इस आघात से उबर सके।
कानूनी जानकारों के अनुसार, यदि आरोपी स्वस्थ हो जाता है तो उसके खिलाफ दर्ज मामला जारी रहेगा और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।







