कौडिया के किसानों ने दिया ज्ञापन: पाँच वर्षों से खेतों में भर रहे निस्तार के पानी से फसलें चौपट, समाधान की उठी मांग
"कौडिया के किसानों का दर्द" कौडिया ग्राम के किसानों ने पाँच वर्षों से खेतों में भर रहे निस्तार के पानी से फसलें नष्ट होने की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री, कलेक्टर और SDM को ज्ञापन सौंपा। अवैधानिक कब्जा हटाने व जल निकासी बहाल करने की मांग, समाधान न होने पर हाईवे जाम व भूख हड़ताल की चेतावनी।

गाडरवारा/नरसिंहपुर।
कौडिया ग्राम के दर्जनों किसानों ने अपनी कृषि भूमि में लगातार पांच वर्षों से आ रहे निस्तार के पानी से फसलें नष्ट होने और कृषि कार्य बाधित होने की गंभीर समस्या को लेकर आज महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नरसिंहपुर जिला कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह, गाडरवारा एसडीएम एवं गाडरवारा थाना प्रभारी को संबोधित करते हुए दिया गया।

किसानों ने आरोप लगाया कि ग्राम कौडिया और आसपास के क्षेत्रों से निकलने वाला निस्तार का पानी गलत दिशा में मोड़ दिया गया है, जिसके कारण पूरा बहाव सीधे उनकी निजी कृषि भूमि में जा रहा है। परिणामस्वरूप धान, गन्ना सहित अन्य रबी–खरीफ की फसलें पूरी तरह नष्ट हो रही हैं और खेत 8 महीने तालाब जैसे भरे रहते हैं।
एक नजर समस्या पर — पाँच वर्षों से लगातार जलभराव
किसानों ने ज्ञापन में बताया—
- वर्ष 2021 से 2025 तक खेतों में निस्तार का पानी भरने से फसलें लगातार बर्बाद।
- चिरहकलां गोहा तथा कौडिया के पुराने जल निकास मार्ग पर अवैधानिक कब्जा, जिसके चलते प्राकृतिक जल प्रवाह बाधित।
- NTPC पाइपलाइन के पास बनी पुलिया से पानी का बहाव मुड़कर किसानों के खेतों में उतर रहा है।
- धान की फसल आधी-अधूरी खराब, गन्ने की कटाई में मजदूर पानी भरे खेतों में उतरने को तैयार नहीं।
- पानी की अधिकता से खेतों में पूरे साल नमी बनी रहती है, जिससे नई फसल बोना असंभव।
किसानों ने कहा कि उनकी आजीविका इसी जमीन पर निर्भर है, और लगातार फसल नष्ट होने से परिवार के भरण–पोषण का संकट खड़ा हो गया है।

अवैधानिक कब्जे को हटाकर जल निकासी बहाल करने की मांग
ज्ञापन में किसानों ने स्पष्ट रूप से मांग की—
- चिरहकलां गोहा और कौडिया के जल निकास मार्ग से अवैधानिक कब्जा हटाया जाए।
- राजस्व विभाग, पटवारी, आरआई और प्रशासन द्वारा मौके का निरीक्षण एवं सर्वे कर पंचनामा बनाया जाए।
- जल निकासी को प्राकृतिक दिशा में पुनः सुचारू रूप से बहाल किया जाए।
- भविष्य में निस्तार का पानी किसानों की निजी भूमि में न जाए, इसके लिए स्थायी समाधान किया जाए।
10 दिसंबर तक नहीं हुआ समाधान, तो होगा हाईवे जाम व भूख हड़ताल
किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि—
यदि 10 दिसंबर 2025 तक जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई, तो सभी किसान अपने परिवारों सहित भूख हड़ताल करेंगे और गाडरवारा–करेली स्टेट हाईवे 22 पर शांतिपूर्ण धरना देकर मार्ग अवरुद्ध करेंगे।
किसानों ने यह भी स्पष्ट किया कि इस दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति के लिए पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
किसानों ने संलग्न किए सबूत
ज्ञापन के साथ किसानों ने प्रशासन को—
- पिछले पाँच वर्षों में दिए गए सभी लिखित शिकायत पत्र
- खेतों में भरे पानी की तस्वीरें
- भूमि संबंधी दस्तावेज
सौंपी। किसानों ने कहा कि इतने वर्षों से समस्या को बताने के बाद भी आज तक किसी अधिकारी द्वारा स्थायी निराकरण नहीं किया गया।

किसानों की बढ़ती परेशानी बन सकती है बड़ा मुद्दा
ग्राम कौडिया व आसपास के किसानों का कहना है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र ही हस्तक्षेप नहीं किया तो यह समस्या आने वाले समय में पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर कृषि संकट बन सकती है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से किसानों ने उम्मीद जताई है कि समय रहते समस्या का समाधान कर खेती और किसानों के भविष्य को सुरक्षित किया जाएगा।








