रोजगार गारंटी योजना यथावत जारी रखो—किसान सभा का विरोध, वीबीजी राम जी विधेयक की प्रतियां जलाकर प्रदर्शन
Gadarwara News: किसान सभा ने मनरेगा को खत्म करने के आरोप में वीबीजी राम जी विधेयक का विरोध किया, धान खरीदी में गड़बड़ी पर आंदोलन की चेतावनी।

गाडरवारा।
मध्यप्रदेश किसान सभा इकाई गाडरवारा द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को यथावत जारी रखने की मांग को लेकर सालीचौका, पचामा और सहावन में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। किसान सभा कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) – वीबीजी राम जी विधेयक की प्रतियां जलाकर अपना आक्रोश प्रकट किया।
मनरेगा को खत्म करने की साजिश का आरोप
किसान सभा नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा का नाम बदलने की आड़ में रोजगार गारंटी योजना को धीरे-धीरे समाप्त करने की साजिश रच रही है। यह विधेयक बिना व्यापक बहस के संसद में पारित कर दिया गया, जो मनरेगा की जगह लागू किया जाएगा।
सभा का कहना है कि यह सिर्फ नाम परिवर्तन नहीं है, बल्कि इसके जरिए
➡️ केंद्र सरकार ने योजना की आधी से अधिक वित्तीय जिम्मेदारी राज्यों पर डाल दी है
➡️ केंद्र अपनी जवाबदेही से पीछे हट रही है
➡️ रोजगार की संवैधानिक गारंटी कमजोर की जा रही है
100 दिन के रोजगार का दावा खोखला
किसान सभा ने कहा कि जमीनी हकीकत यह है कि मजदूरों को 100 दिनों की जगह औसतन केवल 48 दिन का ही रोजगार मिल पा रहा है। ऐसे में 125 दिन रोजगार देने का दावा केवल दिखावा है। कई श्रमिकों के जॉब कार्ड समाप्त कर दिए गए हैं, जिससे गरीब और मेहनतकश वर्ग पर सीधा हमला हो रहा है।
राज्यों की आर्थिक हालत, योजना पर संकट
नेताओं ने कहा कि अधिकांश राज्यों की आर्थिक स्थिति पहले से ही खराब है। ऐसे में जब राज्यों के पास पर्याप्त बजट नहीं होगा तो यह योजना कागजों तक सिमट जाएगी और धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगी। नाम बदलने से
- नई वेबसाइट
- प्रचार सामग्री
- नए जॉब कार्ड
पर करोड़ों रुपये का अनावश्यक खर्च होगा, जो जनता के पैसे की बर्बादी है।
संघर्षों से हासिल हुई थी मनरेगा
किसान सभा ने याद दिलाया कि मनरेगा को यूपीए सरकार के कार्यकाल में देश की मेहनतकश जनता के लंबे संघर्षों के बाद लागू कराया गया था, जिसे अब खत्म करना मजदूर विरोधी कदम है।
प्रदर्शन में रहे ये प्रमुख लोग
- पचामा: तुलसीराम श्रीवास
- सहावन: नन्हेलाल
- सालीचौका: तहसील समिति अध्यक्ष लीलाधर वर्मा, महासचिव देवेंद्र वर्मा, सहसचिव नरेंद्र वर्मा
- करण सिंह अहिरवार, यश कुमार वर्मा, ओमप्रकाश वर्मा, छोटेलाल कुमरे, संतोष वर्मा, गंगाराम बघेले सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे
देशव्यापी आंदोलन
किसान सभा ने बताया कि 19 दिसंबर को पूरे देश में वीबीजी राम जी विधेयक की प्रतियां जलाकर विरोध किया जा रहा है और मांग की जा रही है कि
➡️ विधेयक तत्काल वापस लिया जाए
➡️ मनरेगा को यथावत जारी रखा जाए
धान खरीदी में गड़बड़ी का आरोप, उग्र आंदोलन की चेतावनी
वेयरहाउसों का भौतिक सत्यापन हो—किसान सभा
किसान सभा अध्यक्ष लीलाधर वर्मा ने धान खरीदी को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सोसायटियों द्वारा धान खरीदी के स्लॉट ओवर-टाइम खोले जा रहे हैं, जिससे किसान स्लॉट बुक नहीं कर पा रहे हैं।
उन्होंने मांग की कि
- जिन वेयरहाउसों में धान खरीदी होनी है, उनका भौतिक सत्यापन किया जाए
- यह जांच हो कि कितना भंडारण पहले से मौजूद है
- आशंका है कि व्यापारियों का धान पहले ही भर दिया गया है और खरीदी केवल कागजों में दिखाई जा रही है
दिन में स्लॉट खोलने की मांग
किसान सभा ने प्रशासन से मांग की है कि
➡️ वेयरहाउसों में स्थानीय समितियों को पर्याप्त स्थान दिया जाए
➡️ प्रतिदिन दिन के समय स्लॉट खोले जाएं
अन्यथा किसान सभा को उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।







