कागज के डिस्पोजेबल कप में चाय पीना ‘चिकनाई युक्त ज़हर’ के समान – खाद्य एवं औषधि विभाग ने जारी की चेतावनी
खाद्य एवं औषधि विभाग भोपाल ने चेतावनी दी कि कागज के डिस्पोजेबल कप में चाय पीना सेहत के लिए हानिकारक है। कप की परत से निकलने वाले रसायन कैंसर का कारण बन सकते हैं।

करेली/भोपाल( पूजा मालवीय)। भारत में सुबह की शुरुआत चाय की चुस्की से होती है, लेकिन अब खाद्य एवं औषधि विभाग भोपाल ने इस पर गंभीर चेतावनी जारी की है। विभाग ने कहा है कि कागज के डिस्पोजेबल कप में गर्म चाय पीना स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है।
विभाग के उपसंचालक, खाद्य एवं औषधि विभाग भोपाल ने 25 अक्टूबर 2025 को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर लोगों से अपील की है कि वे कागज या थर्मोकोल के डिस्पोजेबल कप में चाय या कॉफी पीने से बचें, क्योंकि यह शरीर के लिए “चिकनाई युक्त ज़हर” के समान है।
जानिए क्यों है कागज के कप से चाय पीना खतरनाक

प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि कागज के कप की भीतरी परत पर एक पतली प्लास्टिक या रासायनिक लेयर (पॉलीथीन कोटिंग) होती है जो गर्म चाय डालने पर पिघलने लगती है। इससे कप में मौजूद हानिकारक रसायन (टॉक्सिक केमिकल) चाय में घुल जाते हैं।
यह रसायन शरीर में पहुँचकर
- हार्मोनल असंतुलन,
- पाचन संबंधी समस्याएँ,
- और लंबे समय में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियाँ उत्पन्न कर सकते हैं।
स्वास्थ्य विभाग की सलाह
विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे
“घर से कांच, स्टील या चीनी मिट्टी के कप लेकर आएँ और उसी में चाय पिएँ।”
साथ ही, चाय विक्रेताओं को भी पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाने की सलाह दी गई है ताकि सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों की रक्षा हो सके।
पर्यावरण के लिए भी हानिकारक
कागज और थर्मोकोल कप न केवल स्वास्थ्य बल्कि पर्यावरण के लिए भी हानिकारक हैं। इन कपों का रीसाइक्लिंग कठिन होता है और ये मिट्टी में घुलने में वर्षों लगाते हैं, जिससे प्रदूषण बढ़ता है।
जन-जागरूकता की आवश्यकता
खाद्य एवं औषधि विभाग की यह एडवाइजरी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। विभाग का कहना है कि स्वास्थ्य सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण दोनों के लिए “एकल-उपयोग डिस्पोजेबल कप” से बचना बेहद ज़रूरी है।







