नरसिंहपुर में दोहरी हत्या का चंद घंटों में खुलासा: मृतिका का भाई ही निकला हत्यारा, 6 आरोपी गिरफ्तार
नरसिंहपुर के साईंखेड़ा थाना क्षेत्र के बम्होरी गांव में हुई दोहरी हत्या का पुलिस ने चंद घंटों में खुलासा कर दिया। बेटे की शादी के लिए पैसे और जेवर न देने पर आरोपी ने अपनी बहन और जीजा की हत्या कर दी।

नरसिंहपुर। जिले में हुई सनसनीखेज दोहरी हत्या की वारदात का पुलिस ने चंद घंटों के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि मृतिका का सगा भाई ही इस जघन्य वारदात का मास्टरमाइंड निकला।
यह पूरा मामला सांईखेड़ा थाना क्षेत्र के बम्होरी गांव का है, जहां जीजा-साली के बीच पारिवारिक विवाद के चलते हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी किए गए जेवर और हत्या में इस्तेमाल हथियार भी बरामद किए हैं।
बच्ची ने देखा शव, पुलिस को दी गई सूचना
पुलिस के अनुसार 9 मार्च 2026 की सुबह गांव की एक बच्ची ने खेत के पास एक शव पड़ा देखा। इसके बाद गांव में हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही डॉ. ऋषिकेश मीना (पुलिस अधीक्षक नरसिंहपुर) अन्य अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। उनके साथ एफएसएल टीम, फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ और डॉग स्क्वॉड भी घटनास्थल पर पहुंचा।
पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए और पूरे क्षेत्र को सुरक्षित कर जांच शुरू कर दी।
प्रारंभिक जांच में लूट और पहचान छुपाने की आशंका
घटनास्थल और शवों की स्थिति को देखते हुए पुलिस को प्रथम दृष्टया लगा कि छुटई चौधरी और उनकी पत्नी केरा बाई की हत्या लूट की नीयत से की गई है।
जांच के दौरान यह भी संभावना सामने आई कि आरोपियों ने दोनों की हत्या इसलिए की, क्योंकि मृतक उन्हें पहचानते थे और उनके खिलाफ गवाही दे सकते थे।
क्रिकेट फाइनल मैच के दौरान दिया वारदात को अंजाम
पुलिस जांच में एक अहम तथ्य सामने आया कि आरोपियों ने घटना को अंजाम देने के लिए उस समय का चयन किया जब इलाके में क्रिकेट का फाइनल मैच चल रहा था।
उस समय अधिकांश लोग अपने घरों में टीवी पर मैच देखने में व्यस्त थे। इसी का फायदा उठाकर आरोपियों ने सुनसान माहौल में वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने बनाई संदेहियों की सूची
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया के मार्गदर्शन और एसडीओपी ललित डांगुर के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
टीम ने मृतकों के परिजनों, पड़ोसियों और परिचितों से विस्तृत पूछताछ की। इसके आधार पर मृतकों के जान-पहचान वाले लोगों और संभावित संदेहियों की सूची तैयार कर उनकी गतिविधियों की जांच शुरू की गई।
पुलिस डॉग “MASS” ने दिया बड़ा सुराग
अज्ञात आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस डॉग MASS को घटनास्थल पर लगाया गया। सर्चिंग के दौरान यह डॉग बार-बार एक ही स्थान पर जाकर रुक रहा था।
जब पुलिस ने उस जगह की बारीकी से जांच की तो वह स्थान मृतिका के भाई हल्के हरिजन के घर के पास निकला। इससे पुलिस का शक उस पर गहरा गया।
खून से सने अधजले कपड़ों से खुला राज
पुलिस ने संदेह के आधार पर हल्के हरिजन के घर और आसपास के इलाके की तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके आंगन में खून से सने अधजले कपड़े मिले।
पुलिस ने इन कपड़ों को जब्त कर लिया और इसके बाद हल्के हरिजन से पूछताछ शुरू की गई।
कटनी भागे आरोपी, पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि मुख्य आरोपी अपने साथियों के साथ कटनी जिले की ओर भाग गया है।
इसके बाद पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्लीमनाबाद थाना पुलिस की मदद से आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
हिरासत में लिए गए आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने पूरी वारदात कबूल कर ली।
बेटे की शादी के लिए पैसे और जेवर मांग रहा था आरोपी
पूछताछ में मुख्य आरोपी हल्के हरिजन ने बताया कि उसके बेटे की शादी होने वाली थी। इसके लिए उसने अपने जीजा छुटई चौधरी और बहन केरा बाई से पैसे और जेवरात मांगे थे।
लेकिन दोनों ने पैसे और जेवर देने से मना कर दिया। इसी बात को लेकर उनके बीच विवाद हो गया।
आरोपी ने गुस्से में आकर अपने साथियों के साथ मिलकर धारदार हथियार से दोनों की हत्या कर दी।
पुलिस ने 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें
- हल्के भैया चौधरी
- धर्मेंद्र चौधरी
- इलायची बाई चौधरी
- गुड्डू उर्फ कालीराम चौधरी
- रीना चौधरी (सभी निवासी बम्होरी, थाना साईंखेड़ा)
- बड्डू उर्फ भुवन चौधरी (निवासी सूखाखैरी, थाना चीचली)
शामिल हैं।
जेवर और हथियार भी किए बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी किए गए जेवर और हत्या में इस्तेमाल हथियार भी बरामद किए हैं। इनमें
- चांदी का हाफ कड़ोरा
- 2 जोड़ी चांदी की पायल
- 4 पैर के लच्छे
- चांदी की चैन
- चांदी का मंगलसूत्र
- चांदी का ब्रासलेट
- चांदी की अंगूठी
- हत्या में प्रयुक्त चाकू और हसिया
शामिल हैं।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस पूरे मामले के खुलासे में थाना प्रभारी साईंखेड़ा निरीक्षक रोहित काकोडिया और थाना प्रभारी गाडरवारा निरीक्षक अशोक सिंह चौहान उनि प्रकाश पाठक, वर्षा धाकड, अमित गोटिया, अंकित रावत, सउनि सतीश राजपूत, दसरथ पटेल, शिशुपाल चौधरी, प्रधान आरक्षक रामगोपाल राजपूत, आरक्षक दिनेश पटेल, सुदीप ठाकुर, दीपक ठाकुर, शिवकुमार पटेल, उमेश वर्मा, भगवान सिंह, हेमंत मेहरा, आदर्श पाठक, रुचि तिवारी, हेमलता मेहरा, नीशू पटेल, बालकिशन रघुवशी, शिवम पटेल, दीपक राजपूत, नेत्राम विश्वकर्मा, विक्रम सिंह की सराहनीय भूमिका रही है।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।







