जिला पंचायत सीईओ ने स्वयं दुकानों पर चिपकाए स्वच्छता स्टीकर
मां नर्मदा आंचल को स्वच्छ रखने में सहयोग का किया आग्रह

संवाददाता अवधेश चौकसे
Barman News/Narsinghpur News: प्राचीन धार्मिक नगरी बरमान में मां नर्मदा आंचल को स्वच्छ और पवित्र बनाए रखने के लिए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं अपर कलेक्टर श्री गजेंद्र सिंह नागेश (IAS) के नेतृत्व में एक बड़ी और अनुकरणीय पहल देखने को मिल रही है। बीते लगभग 6 सप्ताह से लगातार सक्रिय रहते हुए वे स्वयं क्षेत्र में पहुंचकर व्यापारियों, श्रद्धालुओं और आम जनता से संवाद कर स्वच्छता अभियान को सार्थक बना रहे हैं।
दुकानों-दुकानों जाकर सीईओ ने चिपकाए स्वच्छता स्टीकर
मां नर्मदा के पवित्र तीर्थ स्थल ब्रह्मांड घाट में नर्मदा घाट से लेकर मुख्य मार्ग तक, दोनों ओर स्थित दुकानों पर जिला पंचायत सीईओ श्री गजेंद्र नागेश ने स्वयं जाकर “मेरा बरमान – स्वच्छ बरमान” के स्टीकर चिपकाए।
उन्होंने बस स्टैंड व बाजार क्षेत्र के दुकानदारों से आग्रह किया कि वे अपनी दुकानों से निकलने वाली गंदगी और सिंगल यूज प्लास्टिक को घाटों तक न पहुंचने दें।
सीईओ ने कहा कि—
“मां नर्मदा का आंचल पवित्र है। इसे स्वच्छ रखना केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। दुकानदारों की भूमिका इसमें सबसे महत्वपूर्ण है।”
सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध का आग्रह
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ ने व्यापारियों और नगरवासियों से सिंगल यूज पॉलिथीन के पूर्ण बहिष्कार का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक—
- पर्यावरण प्रदूषण बढ़ाता है
- मवेशियों और गौमाता के लिए जानलेवा साबित होता है
- मां नर्मदा के जल को दूषित करता है
उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी व्यापारियों के सहयोग से ही यह अभियान सफल हो सकता है।
जागरूकता अभियान के दौरान परिक्रमा वासियों से संवाद
स्वच्छता अभियान के तहत पैदल भ्रमण करते हुए श्री गजेंद्र नागेश ने नर्मदा परिक्रमा वासियों से मुलाकात की। उन्होंने अपने व्यक्तिगत खर्च से परिक्रमा वासियों को उत्तम गुणवत्ता की चरण पादुका भेंट की, उनका हालचाल जाना और “नर्मदे हर” के जयघोष के साथ आध्यात्मिक संवाद किया।
परिक्रमा वासियों ने भीषण ठंड में पदयात्रा को मां नर्मदा की कृपा और आशीर्वाद बताया।
गंदगी फैलाने पर लगेगा जुर्माना, सीईओ ने स्वयं की सफाई
सीढ़ी घाट क्षेत्र में भ्रमण के दौरान जिला पंचायत सीईओ ने दुकानदारों को स्वच्छता संबंधी स्पष्ट निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि—
“आगे से मां नर्मदा क्षेत्र में गंदगी फैलाने पर जुर्माना लगाया जाएगा।”
इसी दौरान उन्होंने सीढ़ी घाट पर स्थित एक प्राकृतिक झरने की स्वयं बैठकर सफाई की। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद सैकड़ों लोग आश्चर्यचकित रह गए। आमजन में यह चर्चा का विषय बन गया कि इतने वरिष्ठ IAS अधिकारी का स्वयं हाथ से सफाई करना एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
प्राकृतिक झरनों के संरक्षण की योजना
स्थानीय नागरिकों द्वारा जानकारी दिए जाने पर कि सीढ़ी घाट क्षेत्र में ऐसे कई प्राकृतिक झरने हैं, जिला पंचायत सीईओ श्री गजेंद्र नागेश ने आश्वासन दिया कि—
- सभी झरनों को सुरक्षित किया जाएगा
- उनके चारों ओर चबूतरे बनाए जाएंगे
- उन्हें अलग पहचान देकर संरक्षित किया जाएगा
कार्तिक पूर्णिमा के बाद से लगातार सक्रिय
उल्लेखनीय है कि कार्तिक पूर्णिमा (5 नवंबर 2025) के पूर्व बरमान कला क्षेत्र में भारी गंदगी देखकर जिला पंचायत सीईओ ने स्वयं हस्तक्षेप किया था।
उन्होंने—
- मेला क्षेत्र की तत्काल सफाई करवाई
- संगोष्ठी आयोजित कर सुझाव लिए
- व्यापारियों, श्रद्धालुओं, जागरूक नागरिकों और धर्मप्रेमियों के साथ अलग-अलग बैठकों में संवाद किया
इन सुझावों के आधार पर मां नर्मदा आंचल को स्वच्छ बनाने की रणनीति और कार्ययोजना तैयार की गई।
स्वच्छ नर्मदा, सहभागिता से ही संभव
लगभग छह सप्ताह से चल रहे इस अभियान में जनता की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है। यह पहल केवल सफाई तक सीमित नहीं, बल्कि संवाद, जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी का उदाहरण बन रही है।
✍️ रिपोर्ट: अवधेश चौकसे
📍 सालीचौका / बरमान, नरसिंहपुर







