मध्य प्रदेश

बीजादेही में सड़क, फ्यूरी मशीन और बिलों का विवाद, सीईओ ने किया जांच कराने का दावा

एई करेंगे सीसी सड़क की तकनीकी जांच, बिलों की पड़ताल बीपीओ को; मजदूरों को काम न मिलने और खर्चों में गड़बड़ी के आरोपों पर बोली सीईओ फिरदौस शाह,गलत मिला तो होगी कार्रवाई

संवाददाता शैलेंद्र गुप्ता

शाहपुर। जनपद पंचायत शाहपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बीजादेही में सीसी सड़क निर्माण, मजदूरों को काम न देने और पंचायत के खर्चों में कथित गड़बड़ियों को लेकर उठे विवाद के बाद प्रशासन ने जांच के संकेत दिए हैं। जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी फिरदौस शाह ने कहा है कि सड़क निर्माण से जुड़े तकनीकी आरोपों की सोमवार को मौके पर जाकर जांच कराई जाएगी।
सीईओ ने बताया कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच जनपद के एई द्वारा की जाएगी। वहीं पंचायत द्वारा लगाए गए बिलों और खर्चों की जांच के लिए बीपीओ को भी निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि ग्राम बीजादेही में ब्रज के घर से बाजार चौक तक 200 मीटर लंबी सीसी सड़क का निर्माण पांचवें राज्य वित्त आयोग की लगभग 6.15 लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा है। इस निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में फ्यूरी मशीन का उपयोग किया जा रहा है, जो अपने आप गिट्टी, सीमेंट और पानी का मिश्रण तैयार कर देती है। इससे बड़ी संख्या में मजदूरों की आवश्यकता नहीं पड़ती। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत द्वारा मशीन से तेजी से काम कराया जा रहा है और गांव के मजदूरों को काम नहीं दिया जा रहा। आदिवासी बहुल इस क्षेत्र में रोजगार के साधन सीमित हैं और बड़ी संख्या में ग्रामीण मजदूरी के लिए बाहर पलायन करते हैं। ऐसे में पंचायत के निर्माण कार्य स्थानीय लोगों के लिए रोजगार का एक महत्वपूर्ण साधन माने जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मशीन से काम कराने के कारण उन्हें मजदूरी का अवसर नहीं मिला, जिससे असंतोष बढ़ गया है।

इसके साथ ही सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कंक्रीट मिश्रण में सीमेंट की मात्रा कम रखी जा रही है और निर्माण में तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा।
पंचायत के खर्चों को लेकर भी कई उदाहरण सामने आए हैं। ग्रामीणों के अनुसार 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के आयोजन के लिए 80 किलो बूंदी 180 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदी दर्शाई गई है, जबकि बाजार में इसकी कीमत 140 से 150 रुपये प्रति किलो बताई जा रही है। इस हिसाब से लगभग 14,400 रुपये का बिल लगाया गया है।

इसी तरह मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में बैतूल जाने वाले लोगों के लिए भी खर्च को लेकर सवाल उठे हैं। ग्रामीणों के अनुसार लगभग 60 लोग कार्यक्रम में गए, लेकिन पंचायत द्वारा 130 भोजन पैकेट और 130 पानी की बोतलों का बिल लगाया गया। भोजन के लिए 70 रुपये प्रति पैकेट और पानी के लिए 20 रुपये प्रति बोतल के हिसाब से भुगतान दर्शाया गया है।

इन सभी आरोपों के सामने आने के बाद ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच की मांग की थी। इस पर जनपद पंचायत सीईओ फिरदौस शाह ने कहा कि सड़क निर्माण की तकनीकी जांच एई द्वारा मौके पर जाकर की जाएगी और पंचायत के बिलों से जुड़े मामलों की जांच बीपीओ करेंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बीजादेही पंचायत में सड़क निर्माण, मजदूरों को काम न मिलने और बिलों में कथित गड़बड़ियों को लेकर उठे सवालों के बाद अब सबकी निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जांच में वास्तविक स्थिति सामने आएगी और दोषी पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

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