मध्य प्रदेशराजनीति

एटीएस विहीन जिलों में मैनुअल वाहन फिटनेस प्रक्रिया जारी रखने की मांग, केंद्रीय मंत्री गडकरी से मिले परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह

एटीएस विहीन जिलों में वाहन स्वामियों की सुविधा को लेकर परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर मैनुअल फिटनेस प्रक्रिया जारी रखने का आग्रह किया, जिस पर सहमति मिली।

गाडरवारा / नई दिल्ली।
प्रदेश सरकार के परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने राजधानी नई दिल्ली पहुँचकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर मध्यप्रदेश में परिवहन व्यवस्था, राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास तथा वाहन फिटनेस प्रक्रिया से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

केंद्रीय मंत्रालय के पत्र की दी जानकारी

भेंट के दौरान परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा दिनांक 1 जनवरी 2026 को जारी पत्र के संबंध में केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि इस पत्र के माध्यम से जिला परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) में संचालित मैनुअल वाहन फिटनेस प्रक्रिया को समाप्त कर केवल ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) के माध्यम से फिटनेस परीक्षण कराए जाने का प्रावधान किया गया है।

प्रदेश के केवल 9 जिलों में ही एटीएस की सुविधा

परिवहन मंत्री श्री सिंह ने जानकारी दी कि वर्तमान में मध्यप्रदेश के केवल 9 जिलों—ग्वालियर, इंदौर, भोपाल, जबलपुर, उज्जैन, सतना, सिंगरौली, देवास एवं धार में ही ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन संचालित हैं। इन जिलों में वाहनों की फिटनेस प्रक्रिया पूरी तरह से एटीएस के माध्यम से की जा रही है, जबकि शेष जिलों में अभी यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।

वाहन स्वामियों को हो रही भारी असुविधा

परिवहन मंत्री ने केंद्रीय मंत्री का ध्यान इस ओर आकृष्ट करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश भौगोलिक दृष्टि से एक बड़ा राज्य है, जहां कई जिलों के बीच की दूरी 150 किलोमीटर से अधिक है। ऐसे में एटीएस विहीन जिलों के वाहन स्वामियों को फिटनेस परीक्षण के लिए अन्य जिलों में वाहन लेकर जाना पड़ता है, जिससे उन्हें अधिक समय, अतिरिक्त ईंधन खर्च और आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने यह भी बताया कि यात्री वाहनों के परमिट निर्धारित मार्गों एवं क्षेत्रों के लिए जारी किए जाते हैं। यदि यात्री वाहन अपने तय परमिट मार्ग से हटकर किसी अन्य जिले में फिटनेस परीक्षण कराने जाते हैं, तो यह कानूनी रूप से भी अनुचित की श्रेणी में आता है।

मैनुअल फिटनेस प्रक्रिया जारी रखने का आग्रह

इन सभी व्यावहारिक और कानूनी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी से आग्रह किया कि जब तक राज्य के प्रत्येक जिले में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन की स्थापना नहीं हो जाती, तब तक एटीएस विहीन जिलों में वाहन स्वामियों की सुविधा के लिए जिला परिवहन कार्यालयों के माध्यम से मैनुअल वाहन फिटनेस प्रक्रिया को जारी रखने की अनुमति प्रदान की जाए

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने दी सहमति

परिवहन मंत्री की बातों को गंभीरता से सुनते हुए केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी ने वाहन स्वामियों की समस्या को जायज बताया और मैनुअल फिटनेस प्रक्रिया को यथाशीघ्र अनुमति प्रदान करने की सहमति व्यक्त की। इससे प्रदेश के एटीएस विहीन जिलों में वाहन स्वामियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

इस निर्णय से विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ जिलों के वाहन स्वामियों को लाभ मिलेगा और अनावश्यक परेशानी से निजात मिल सकेगी।

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