मध्य प्रदेशराजनीति

मनरेगा समाप्त करने के विरोध में माकपा का उग्र आंदोलन, सालीचौका में चक्काजाम, पुतला दहन और VBGRAM Bill की प्रतियां जलाईं

सालीचौका में माकपा और किसान सभा का बड़ा आंदोलन, मनरेगा समाप्त करने के विरोध में चक्काजाम, पुतला दहन और VBGRAM Bill की प्रतियां जलाईं, किसानों-मजदूरों की मांगें तेज।

संवाददाता अवधेश चौकसे

सालीचौका (नरसिंहपुर)।
वामपंथी पार्टियों के देशव्यापी आह्वान पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नरसिंहपुर द्वारा सोमवार 22 दिसंबर को सालीचौका क्षेत्र में जोरदार जनआंदोलन किया गया। इस दौरान चक्काजाम, पुतला दहन तथा VBGRAM (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण) बिल की प्रतियां जलाकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। इस आंदोलन को मध्यप्रदेश किसान सभा का भी पूर्ण समर्थन प्राप्त हुआ।

प्रदर्शन के तहत माकपा व किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने बसुरिया रोड स्थित खाद वितरण केंद्र (वेयरहाउस) के सामने सड़क पर चक्काजाम किया। इस दौरान केंद्र सरकार विरोधी नारे लगाए गए और मनरेगा को समाप्त करने के प्रयासों पर तीखा हमला बोला गया। पुतला दहन के समय पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कुछ देर झूमाझटकी की स्थिति भी बनी, हालांकि पुलिस बल की मौजूदगी में स्थिति पर शीघ्र नियंत्रण कर लिया गया।

मनरेगा के नाम बदलकर योजना खत्म करने का आरोप

माकपा नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदलकर VBGRAM Bill लाकर इस योजना को धीरे-धीरे समाप्त करना चाहती है। उनका कहना है कि इस नए बिल के माध्यम से योजना की 40 प्रतिशत वित्तीय जिम्मेदारी राज्यों पर डालकर केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच रही है, जिससे गरीब, मजदूर और किसान सबसे अधिक प्रभावित होंगे।

किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार को घेरा

प्रदर्शन के दौरान किसानों की समस्याओं को लेकर भी सरकार को घेरा गया। नेताओं ने कहा कि किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में यूरिया खाद उपलब्ध नहीं कराई जा रही, जिससे कालाबाजारी को बढ़ावा मिल रहा है। इसके साथ ही धान खरीदी स्लॉट बुकिंग पोर्टल को 24 घंटे खोले जाने की मांग की गई, ताकि किसानों को परेशानी न हो।

मनरेगा

वेयरहाउसों में मूलभूत सुविधाओं की मांग

माकपा और किसान सभा ने मांग की कि वेयरहाउसों में किसानों के लिए रुकने की व्यवस्था, अलाव, पेयजल, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे दूर-दराज से आने वाले किसानों को राहत मिल सके।

शक्ति शुगर मिल हादसे को लेकर कड़ा रुख

प्रदर्शन के दौरान शक्ति शुगर मिल, कौड़िया (गाडरवारा) में कार्य के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए चार मजदूरों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। नेताओं ने आरोप लगाया कि मिल प्रबंधन की लापरवाही के चलते मजदूर हादसों का शिकार हो रहे हैं। मांग की गई कि—

  • सभी घायल मजदूरों का बेहतर और बिना लापरवाही के इलाज कराया जाए
  • प्रत्येक मजदूर के नाम 20-20 लाख रुपये की एफडी कराई जाए
  • जीवनपर्यंत भुगतान की लिखित गारंटी मिल प्रबंधन दे

माकपा ने चेतावनी दी कि यदि मजदूरों को दबाव या प्रलोभन देकर उनके अधिकारों से वंचित किया गया, तो पार्टी मजदूरों के साथ सड़क से लेकर प्रशासन तक संघर्ष करेगी

प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन

वेयरहाउस से संबंधित मांगों का ज्ञापन सालीचौका उपथाना प्रभारी के नाम सौंपा गया, जबकि शक्ति शुगर मिल से संबंधित ज्ञापन प्रदर्शन के दौरान उपस्थित पुलिस अधिकारियों के माध्यम से पुलिस अधीक्षक नरसिंहपुर के नाम सौंपा गया। माकपा ने प्रशासन से मांग की कि वह स्वतः संज्ञान लेकर मजदूर और किसान हित में तत्काल कार्रवाई करे।

प्रदर्शन में ये रहे प्रमुख रूप से शामिल

इस आंदोलन में किसान सभा अध्यक्ष लीलाधर वर्मा, महासचिव देवेंद्र वर्मा, माकपा जिला समिति के करण सिंह अहिरवार, गंगाराम बघेल, नरेंद्र वर्मा, रामसिंह वर्मा, दारा सिंह मेहरा, एल.एन. वर्मा, तुलसीराम श्रीवास, बृज किशोर वर्मा, यदुराज वर्मा, दीपक वर्मा, जीवन चौधरी, नन्हेलाल वर्मा, ओमप्रकाश वर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और महिलाएं मौजूद रहीं।

 

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