बच्चों को भगवान से जोड़ना ही सुंदर भविष्य की नींव – जगतगुरु रामस्वरूपाचार्य जी
गाडरवारा के इन्द्रा कॉलोनी महायज्ञ में जगतगुरु रामस्वरूपाचार्य जी महाराज ने केवट कथा के माध्यम से बच्चों को भगवान से जोड़ने, गौ माता और ब्रह्म मुहूर्त का महत्व बताया।

गाडरवारा। इन्द्रा कॉलोनी में आयोजित श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के दौरान रात्रिकालीन कथा में कामदगिरी चित्रकूट से पधारे जगतगुरु रामस्वरूपाचार्य जी महाराज ने भक्तों को धर्म और संस्कार का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को बचपन से ही भगवान से जोड़ना चाहिए, क्योंकि यही आने वाले भविष्य का सुंदर निर्माण करता है।
केवट कथा से दिया संस्कारों का संदेश
महाराज जी ने केवट चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि केवट कथा हमें सिखाती है कि भगवान की भक्ति केवल स्वयं तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि बच्चों को भी इसमें सहभागी बनाना चाहिए। केवट द्वारा भगवान श्रीराम के चरण धोते समय अपने बच्चों से भी चरण धुलवाना इस बात का प्रतीक है कि बच्चों को छोटी उम्र से ही पूजा-पाठ और भक्ति का संस्कार देना चाहिए।
गौ माता में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास
कथा के दौरान जगतगुरु रामस्वरूपाचार्य जी ने गौ माता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गौ माता का दर्शन करने मात्र से 33 करोड़ देवी-देवताओं का दर्शन हो जाता है। उन्होंने कहा कि गौ सेवा और गौ सम्मान से जीवन में पुण्य और समृद्धि आती है।
ब्रह्म मुहूर्त का महत्व बताया
महाराज जी ने भगवान श्रीराम के वनवास प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि जब भगवान अयोध्या छोड़कर वनवास गए, तब उन्होंने उन लोगों को अयोध्या में ही छोड़ दिया जो गहरी नींद में सो रहे थे। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति ब्रह्म मुहूर्त में सोया रहता है, भगवान उसे छोड़कर आगे बढ़ जाते हैं, जबकि ब्रह्म मुहूर्त में जागने वाले पर भगवान की विशेष कृपा होती है।
कथा सुन श्रद्धालु हुए मंत्रमुग्ध
जगतगुरु रामस्वरूपाचार्य जी की भावपूर्ण कथा से पूरा पंडाल भक्तिरस में डूब गया। श्रद्धालुओं ने कथा का रसपान कर धर्म, भक्ति और संस्कारों का संदेश ग्रहण किया।








