इंदौर में गंदे पानी से मौतों के खिलाफ कांग्रेस की ‘न्याय यात्रा’, एक करोड़ मुआवजे की मांग
भागीरथपुरा में 21 मौतों के विरोध में राजवाड़ा तक निकली न्याय यात्रा, सरकार और महापौर के खिलाफ नारेबाजी

इंदौर। भागीरथपुरा क्षेत्र में गंदे पानी की सप्लाई से 21 लोगों की मौत और दर्जनों के बीमार होने के मामले ने प्रदेश की राजनीति में उबाल ला दिया है। इस गंभीर घटना के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने रविवार को बड़ा गणपति चौराहा से राजवाड़ा तक ‘न्याय यात्रा’ निकाली।
न्याय यात्रा में कांग्रेस कार्यकर्ता, महिला कांग्रेस और सेवादल के पदाधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस दौरान महापौर, बीजेपी सरकार और जिम्मेदार मंत्रियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
“घंटा-मंत्री मुर्दाबाद” के लगे नारे
यात्रा के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “घंटा-मंत्री मुर्दाबाद” के नारे लगाए। कांग्रेस ने मांग की कि गंदे पानी से जान गंवाने वाले पीड़ित परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। साथ ही इस घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर हत्या का प्रकरण दर्ज करने की मांग भी की गई।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार मौतों के वास्तविक आंकड़े छिपाने का प्रयास कर रही है।
दिग्विजय सिंह बोले— अब घर-घर जाएंगे
न्याय यात्रा के दौरान चल रहे वाहन की छत से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने जनता को संबोधित किया।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि इंदौर में पार्षद से लेकर सांसद तक बीजेपी का कब्जा है। यह लड़ाई आसान नहीं है, लेकिन कांग्रेस अब घर-घर जाकर जनता से संवाद करेगी।
उमंग सिंघार का सरकार पर हमला
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि इंदौर की जनता को स्वच्छ पानी, साफ सड़कें और सुरक्षित जीवन चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि गंदा पानी पिलाकर लोगों की जान ली जा रही है। यह कोई हादसा नहीं बल्कि सिस्टम द्वारा की गई हत्या है।
उन्होंने यह भी कहा कि आज भी कई इलाकों में गंदे पानी की सप्लाई जारी है, लेकिन सरकार आंख मूंदे बैठी है।
भारी पुलिस बल तैनात
न्याय यात्रा के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। यात्रा का समापन मां अहिल्या की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ किया गया।
इस मौके पर पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा, हरीश चौधरी, कांग्रेस विधायक अजय सिंह, पार्षद, सेवादल, महिला कांग्रेस सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।







