बरमान प्रकरण को लेकर कांग्रेस का चार दिवसीय शांतिपूर्ण धरना समाप्त, जिला पंचायत सीईओ के आश्वासन पर हुआ आंदोलन का समापन
बरमान प्रकरण को लेकर नरसिंह भवन परिसर में जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनीता पटेल के नेतृत्व में चार दिनों तक चला शांतिपूर्ण धरना जिला पंचायत सीईओ गजेंद्र सिंह के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ।

नरसिंहपुर।
बरमान क्षेत्र में घटित घटनाक्रम को लेकर जनभावनाओं के अनुरूप कार्रवाई की मांग करते हुए जिला मुख्यालय स्थित नरसिंह भवन परिसर में पिछले चार दिनों से चल रहा कांग्रेस का शांतिपूर्ण धरना मंगलवार को समाप्त हो गया। यह धरना जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं जननेत्री श्रीमती सुनीता पटेल जी के नेतृत्व में आयोजित किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी और समर्थक लगातार उपस्थित रहे।
धरने का उद्देश्य बरमान में घटित घटना पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कर पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाना और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग करना था। धरना पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और अनुशासित तरीके से संपन्न हुआ, जिससे जनआंदोलन के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति निर्मित नहीं हुई।
धरना स्थल पर पहुँचे जिला पंचायत सीईओ

धरने के चौथे दिन जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्री गजेंद्र सिंह जी स्वयं धरना स्थल पर पहुँचे। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों से संवाद करते हुए बरमान में घटित घटना पर खेद व्यक्त किया और प्रशासन की ओर से स्थिति को गंभीरता से लेने का भरोसा दिलाया।
सीईओ श्री सिंह ने उपस्थित जनसमूह से स्वच्छता अभियान में सक्रिय सहभागिता करने तथा क्षेत्र में प्रस्तावित मेले की तैयारियों में सहयोग करने की अपील भी की। साथ ही उन्होंने जनहित को ध्यान में रखते हुए धरना समाप्त करने का अनुरोध किया।
आश्वासन के बाद धरना समाप्त करने की घोषणा
जिला पंचायत सीईओ द्वारा दिए गए आश्वासन के पश्चात जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सुनीता पटेल जी ने धरना स्थल पर मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों से विस्तृत चर्चा की। सभी की सहमति के बाद उन्होंने आंदोलन को स्थगित करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से धरना समाप्त करने की घोषणा की।
श्रीमती पटेल ने इस अवसर पर कहा कि कांग्रेस पार्टी जनहित के मुद्दों पर सदैव संघर्ष करती रहेगी, लेकिन प्रशासन द्वारा सकारात्मक पहल और संवाद के बाद जनहित में आंदोलन को समाप्त किया जाना भी लोकतांत्रिक मर्यादाओं का हिस्सा है।
शांतिपूर्ण और अनुशासित रहा आंदोलन
चार दिनों तक चले इस धरने के दौरान कांग्रेसजनों ने संयम, अनुशासन और जिम्मेदारी का परिचय दिया। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या टकराव की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। स्थानीय नागरिकों ने भी आंदोलन की शांतिपूर्ण प्रकृति की सराहना की।
जनहित में जारी रहेगा संघर्ष
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि बरमान प्रकरण से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर सतत निगरानी रखी जाएगी और यदि आवश्यकता पड़ी तो पुनः लोकतांत्रिक तरीके से आवाज बुलंद की जाएगी।
सत्यमेव जयते।







