महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर पंडित देव प्रभाकर शास्त्री दद्दा जी के नाम स्मारक डाक टिकट जारी
आध्यात्मिक साधना और सनातन सेवा को राष्ट्रीय सम्मान

महाशिवरात्रि की पावन पूर्व संध्या पर परमपूज्य गुरुदेव पंडित देव प्रभाकर शास्त्री ‘दद्दा जी’ के अनुयायियों और श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत गौरव और हर्ष का क्षण आया, जब भारतीय डाक विभाग ने उनके सम्मान में स्मारक डाक टिकट जारी किया।
यह विशेष डाक टिकट गुरुदेव के आध्यात्मिक योगदान, सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार तथा समाजहित में किए गए उनके उल्लेखनीय कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्रदान करता है। महाशिवरात्रि जैसे दिव्य और आध्यात्मिक पर्व पर यह सम्मान उनके शिवभक्ति, तप, त्याग और सेवा-साधना को समर्पित माना जा रहा है।
आध्यात्मिक चेतना के प्रेरणास्रोत
गुरुदेव पंडित देव प्रभाकर शास्त्री ‘दद्दा जी’ ने अपने जीवन को धर्म, संस्कृति और मानव सेवा के लिए समर्पित किया। उनके मार्गदर्शन में हजारों श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक पथ पर अग्रसर होकर जीवन मूल्यों को अपनाया। समाज में नैतिकता, संस्कार और सनातन परंपराओं के संरक्षण में उनका योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा है।
श्रद्धालुओं में उल्लास का वातावरण
स्मारक डाक टिकट जारी होने की खबर मिलते ही श्रद्धालुओं और अनुयायियों में उत्साह और भावनात्मक उमंग का वातावरण बन गया। भक्तों ने इसे न केवल गुरुदेव के प्रति सम्मान, बल्कि पूरे क्षेत्र और सनातन परंपरा के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।
श्रद्धालुओं का कहना है कि गुरुदेव के सत्संग, प्रवचनों और मार्गदर्शन से समाज में आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों का व्यापक संवर्धन हुआ है। अब भारतीय डाक विभाग द्वारा जारी यह टिकट उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को राष्ट्रीय पहचान प्रदान करता है।
महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर मिला यह सम्मान भक्तों के लिए आस्था, श्रद्धा और गर्व का प्रतीक बन गया है।







