मतदाता जागरूकता में प्रशासनिक संवेदनशीलता का उदाहरण बनीं कलेक्टर सोनिया मीना

संवाददाता राकेश पटेल इक्का
नर्मदापुरम जिले में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सुश्री सोनिया मीना के नेतृत्व में मतदाता जागरूकता को लेकर प्रशासनिक स्तर पर उल्लेखनीय पहल की जा रही है। एक प्रतिष्ठित अधिकारी के रूप में वे न केवल अपने दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन कर रही हैं, बल्कि नागरिकों को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति सजग बनाने में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।उनका स्पष्ट संदेश है कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज होना लोकतंत्र को सशक्त बनाने की मूल शर्त है।
सुश्री सोनिया मीना के मार्गदर्शन में फोटो निर्वाचक नामावली के अद्यतन का कार्य सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से संचालित किया जा रहा है। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता केवल जानकारी के अभाव या प्रक्रियागत कठिनाइयों के कारण अपने मताधिकार से वंचित न रहे। इसी क्रम में उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित अवधि में अपने नाम की जांच करें तथा नाम जोड़ने, संशोधन या अन्य आवश्यक दावे-आपत्तियां समय पर प्रस्तुत करें।
प्रशासनिक निर्देशों के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों एवं नगरीय वार्डों में बूथ लेवल अधिकारी नियमित रूप से उपस्थित रहकर नागरिकों को मतदाता पंजीकरण एवं संशोधन की प्रक्रिया की जानकारी दे रहे हैं। ऑफलाइन एवं ऑनलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे आमजन को सरल, सुलभ एवं भरोसेमंद सेवाएं प्राप्त हो सकें। कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया नागरिकों के हित में है और इसमें सहभागिता ही लोकतांत्रिक जिम्मेदारी का परिचायक है।
नागरिकों के बीच यह विश्वास सुदृढ़ हुआ है कि जिला प्रशासन केवल औपचारिकताओं तक सीमित न रहकर संवेदनशीलता और संवाद के साथ कार्य कर रहा है। कलेक्टर सोनिया मीना की कार्यशैली यह दर्शाती है कि प्रशासनिक दक्षता के साथ मानवीय दृष्टिकोण भी सुशासन की अनिवार्य शर्त है। उनका सतत संदेश—“कोई मतदाता छूट न जाए”—जिले में लोकतांत्रिक चेतना को मजबूती प्रदान कर रहा है और नर्मदापुरम को प्रशासनिक सक्रियता का सकारात्मक उदाहरण बना रहा है।







