कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रजनी सिंह ने नरसिंहपुर व गाडरवारा विधानसभा क्षेत्रों के मतदान केन्द्रों का किया निरीक्षण
एसआईआर कार्य में तेजी लाने के लिए बीएलओ और टीम को कड़े निर्देश

गाडरवारा/नरसिंहपुर। भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार जिले में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को तेजी और पारदर्शिता से पूर्ण कराने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती रजनी सिंह ने शनिवार को नरसिंहपुर एवं गाडरवारा विधानसभा क्षेत्रों के कई मतदान केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम गाडरवारा श्रीमती कलावती ब्यारे, तहसीलदार श्री नितिन राय एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
नरसिंहपुर क्षेत्र के कई मतदान केन्द्रों का लिया जायजा
कलेक्टर श्रीमती सिंह ने विधानसभा क्षेत्र 119 नरसिंहपुर के अंतर्गत इन केन्द्रों का निरीक्षण किया—
- मतदान केन्द्र 121 – महात्मा गांधी वार्ड
- मतदान केन्द्र 122 – शास्त्री वार्ड
- मतदान केन्द्र 102 एवं 103 – सुभाष वार्ड
- मतदान केन्द्र 99 एवं 100 – इमलिया (बासादेही)
यहाँ उन्होंने मतदाता सूची पुनरीक्षण की भौतिक प्रगति, गणना पत्रकों के संकलन और डिजिटलाइजेशन कार्य की विस्तृत जानकारी ली।
गाडरवारा क्षेत्र में भी किया औचक निरीक्षण
इसके बाद उन्होंने विधानसभा क्षेत्र 121 गाडरवारा में निम्न केन्द्रों का निरीक्षण किया—
- मतदान केन्द्र 105 – जगदीश वार्ड
- मतदान केन्द्र 62 एवं 63 – कामती
- मतदान केन्द्र 157 – वार्ड
कलेक्टर ने फील्ड पर कार्यरत बीएलओ, सहायक दल और डेटा एंट्री ऑपरेटरों से एसआईआर की प्रगति के बारे में जानकारी ली और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
डिजिटलाइजेशन और फील्ड वर्क में तेजी लाने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विशेष रूप से कहा कि—
- बीएलओ प्रतिदिन अधिक से अधिक गणना पत्रकों का डिजिटलाइजेशन करें।
- फील्ड सर्वे, घर-घर सत्यापन और दस्तावेज संकलन में कोई लापरवाही न की जाए।
- सभी संबंधित अधिकारी सघन मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें।
उन्होंने बीएलओ के साथ कार्यरत पटवारी, सचिव, जीआरएस, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और आशा कार्यकर्ता को भी सहयोग बढ़ाने के निर्देश दिए ताकि एसआईआर कार्य समयसीमा में पूर्ण हो सके।
डेटा एंट्री ऑपरेटर्स को भी दिए निर्देश
कलेक्टर ने डिजिटल फीडिंग कर रहे डाटा एंट्री ऑपरेटर्स (DEO) को
- ऑनलाइन फीडिंग की गति बढ़ाने,
- त्रुटियों को कम करने, और
- समय पर अपडेट पूरा करने
के स्पष्ट निर्देश दिए।







