धर्ममध्य प्रदेश

पंचकल्याणक महोत्सव में पहुंचे कैबिनेट मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, तेंदूखेड़ा में दिखा श्रद्धा और आस्था का विराट संगम

तेंदूखेड़ा के श्री 1008 मुनिसुब्रतनाथ जिनालय में भव्य पंचकल्याणक महोत्सव जारी। कैबिनेट मंत्री राव उदय प्रताप सिंह पहुंचे, प्रतिदिन धार्मिक आयोजन।

तेंदूखेड़ा, नरसिंहपुर।
जिले के तेंदूखेड़ा नगर में स्थित नव-निर्मित श्री 1008 मुनिसुब्रतनाथ जिनालय इन दिनों श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। नगर के मध्य अयोध्यापुरी कलश गार्डन के सामने भव्य पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव एवं विश्वशांति महायज्ञ का आयोजन पूरे धार्मिक उल्लास और भव्यता के साथ किया जा रहा है।

यह पावन आयोजन पट्टाचार्य चर्याशिरोमणी 108 श्री विशुद्धसागर जी महाराज ससंघ एवं मुनि संघ श्रमण श्री 108 सुव्रत सागर जी महाराज सहित अनेक साधु-संतों के मंगल सानिध्य में संपन्न हो रहा है।

कैबिनेट मंत्री ने लिया आशीर्वाद

पंचकल्याणक महोत्सव के चतुर्थ दिवस (14 दिसंबर) को मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री राव उदय प्रताप सिंह (परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री) आयोजन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने महाराज श्री का आशीर्वाद प्राप्त किया और आयोजन की भव्यता की सराहना की।
इस अवसर पर नगर परिषद अध्यक्ष पं. विष्णु शर्मा, भाजपा पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और श्रद्धालु उपस्थित रहे।

साधु-संतों का दिव्य सानिध्य

इस महोत्सव का आयोजन—

  • पट्टाचार्य 108 श्री विशुद्धसागर जी महाराज ससंघ
  • मुनि संघ के श्री 108 सुव्रत सागर जी, अनुत्तर सागर जी, प्रणेय सागर जी, प्रणव सागर जी, सर्वार्थ सागर जी, साम्य सागर जी, संजयंत सागर जी, यशोधर सागर जी, योग्य सागर जी, यतींद्र सागर जी, यत्न सागर जी, निर्ग्रन्थ सागर जी, निसंग सागर जी, निर्विकल्प सागर जी, जितेंद्र सागर जी, सुभग सागर जी, सिद्धार्थ सागर जी, सहर्ष सागर जी, सत्यार्थ सागर जी, सार्थक सागर जी, सार्थ सागर जी, समकित सागर जी, सम्यक सागर जी, नियोग सागर जी, अनुयोग सागर जी महाराज
    के मंगल सानिध्य में किया जा रहा है।

प्रतिष्ठाचार्य पं. सनत कुमार, विनोद कुमार रजवांस एवं सह-प्रतिष्ठाचार्य पं. कमल कुमार शास्त्री (तेंदूखेड़ा), पं. प्रवेन्द्र जैन हैं।

11 से 16 दिसंबर तक पंचकल्याणक आयोजन

पंचकल्याणक महोत्सव के अंतर्गत—

  • 11 दिसंबर : महान् व्यक्तित्व के प्रच्छन्न संस्कार एवं गर्भकल्याणक (पूर्व स्वरूप)
  • 12 दिसंबर : विकासोन्मुख सीप का मोती — गर्भकल्याणक उत्तरार्द्ध
  • 13 दिसंबर : मोक्ष के महानायक का जीवनोद्भव (जन्म कल्याणक)
  • 14 दिसंबर : कर्मक्षय हेतु संयम पथ गमन (तप कल्याणक)
  • 15 दिसंबर : ज्ञानोदय, लोकालोक दर्शन एवं आत्मस्थ अवस्था (ज्ञान कल्याणक)
  • 16 दिसंबर : कर्मों का अभाव एवं जन्म-मरण से मुक्ति का प्रतीक मोक्ष कल्याणक (निर्वाण)
    भव्य रूप से आयोजित किए जा रहे हैं।

प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक आयोजन

आयोजन समिति के अनुसार प्रतिदिन—

  • प्रभात फेरी
  • शांतिधारा
  • विशेष पूजन
  • प्रवचन
  • सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
  • सामूहिक आरती
    का आयोजन किया जा रहा है।

भव्य मेला बना आकर्षण का केंद्र

महोत्सव के साथ-साथ आयोजन स्थल पर भव्य मेला भी सजा हुआ है, जिसमें नगर एवं आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
मेले में—

  • ब्रेक डांस झूला
  • नाव झूला
  • पालकी झूला
  • बच्चों के लिए विशेष मनोरंजन झूले
    सहित 50 से अधिक दुकानें आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।

नगर के मुख्य मार्गों को स्वागत द्वार, धार्मिक झांकियों और फूलों की सजावट से सजाया गया है, जिससे पूरा नगर आध्यात्मिक और उत्सवी वातावरण में रंगा नजर आ रहा है।

श्रद्धालुओं से सहभागिता की अपील

आयोजन समिति ने 11 से 16 दिसंबर 2025 तक चलने वाले इस पावन धार्मिक आयोजन में समस्त धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में सहभागी बनकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।

इस महोत्सव के चलते तेंदूखेड़ा नगर में धार्मिक, आध्यात्मिक और उत्सवी वातावरण बना हुआ है, वहीं श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और उमंग देखने को मिल रही है।

 

 

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